प्रकाशित समय : सुबह
संक्षिप्त परिचय
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला शुरू किया जिसे इज़राइल ने ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ और अमेरिकी रक्षा विभाग ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता के बाद सामने आई।
मुख्य घटनाएं 1 मार्च 2026
खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि
ईरानी राज्य मीडिया ने शनिवार को पुष्टि की कि सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई (86 वर्ष) तेहरान में उनके कार्यालय पर हुए हवाई हमलों में मारे गए। वे 1989 से ईरान के आध्यात्मिक नेता थे। इज़राइली सेना ने कहा कि उसने तेहरान के हृदय में स्थित ‘केंद्रीय नेतृत्व परिसर’ में एक ‘सटीक, बड़े पैमाने पर अभियान’ चलाया।

तेहरान में विस्फोट जारी
रविवार को तेहरान में एक भीषण विस्फोट हुआ जिससे आसमान में धुएं का गुबार उठ गया और धरती कांप गई। इज़राइली वायु सेना ने कहा कि वह ‘तेहरान के हृदय’ को निशाना बना रही है और वायु श्रेष्ठता हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर हमले कर रही है। ईरान के इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर ने एक और ‘बड़े पैमाने’ के जवाबी हमले की घोषणा की।
अमेरिकी सैनिकों की मौत
पेंटागन ने पुष्टि की कि तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और कम से कम पांच गंभीर रूप से घायल हुए ये ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू होने के बाद पहली अमेरिकी जनहानि है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ‘संभवतः और अमेरिकी मारे जाएंगे।’ उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि यह अभियान ‘चार-पांच सप्ताह या उससे
कम’ समय तक चल सकता है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5 वें बेड़े के मुख्यालय पर हमला हुआ। बेडत शेमेश (यरुशलम से लगभग 30 किमी पश्चिम) में ईरानी मिसाइल हमले में 6 लोगों की मौत हुई और 23 घायल हुए। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी भी दी।
राजनयिक और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरेस ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ये हमले ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को कमजोर करते हैं।” फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह संघर्ष ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर परिणाम’ लेकर आएगा और तत्काल विराम की मांग की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने ‘परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। परमाणु निगरानी संस्था आईएईए ने कहा कि वह स्थिति पर ‘करीबी नजर’ रख रही है और अब तक किसी रेडियोधर्मी प्रभाव का कोई सबूत नहीं है। पोप लियो शिव ने ‘हिंसा के चक्र को रोकने की अपील की।
आर्थिक और वैश्विक प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी से तेल बाजारों में हलचल मच गई। टैंकरों के लिए समुद्री बीमा की दरें 25-50% तक बढ़ने का अनुमान है। एशिया के तेल आयातक देशों पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है। सैकड़ों उड़ानें रद्द हुई: इज़राइल, यूएई और कतर ने अपना हवाई क्षेत्र बंद किया। खाड़ी के शेयर बाजारों में गिरावट आई।
पृष्ठभूमि
दिसंबर 2025 से ईरान में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे थे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सबसे बड़े। जनवरी 2026 में ईरान सरकार ने हजारों प्रदर्शनकारियों का नरसंहार किया। फरवरी 2026 में ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। 24 फरवरी को ट्रम्प ने ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाया और कार्रवाई की चेतावनी दी। 28 फरवरी को संयुक्त हमला शुरू हुआ।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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