तारीख: 12 मार्च 2026
क्या है पूरा मामला?
इज़राइल-ईरान युद्ध के चलते खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) — जिससे दुनिया का लगभग 15% कच्चा तेल और 20% LNG गुज़रता है — लगभग बंद हो गया है। भारत अपनी LPG ज़रूरत का 60% से ज़्यादा आयात करता है, जिसकी वजह से देशभर में एलपीजी की भारी किल्लत हो गई है।
इन चीज़ों के दाम बढ़ गए हैं
1. 🔵 घरेलू LPG सिलेंडर
- 7 मार्च 2026 से 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़कर ₹913 हो गई (दिल्ली में)।
- कुछ शहरों में ब्लैक मार्केट में सिलेंडर ₹1,500-2,000 तक बिक रहे हैं।
- पैनिक बुकिंग के चलते कई जगह रिफिल पर पाबंदी लगा दी गई है।

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2. 🟠 कमर्शियल LPG सिलेंडर
- 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹115-144 बढ़कर लगभग ₹1,950-2,300 हो गई है।
- फरवरी में यही सिलेंडर ₹1,650 में मिलता था — यानी एक महीने में 40% की बढ़ोतरी।
- हैदराबाद में होटलों को अपने ऑर्डर के मुकाबले सिर्फ 20-25% सिलेंडर ही मिल रहे हैं।
3. 🍽️ रेस्टोरेंट में खाने का खर्च
- एनआरएआई (NRAI) के अनुसार रेस्टोरेंट मेन्यू में 20-30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
- मुंबई में 20% से अधिक होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं या सीमित सेवाएं दे रहे हैं।
- दोसा, उत्तपम, फ्राइड राइस जैसी चीज़ें मेन्यू से हट रही हैं क्योंकि इन्हें बनाने में ज़्यादा गैस लगती है।
- दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन तक में मेन कोर्स बंद करके सिर्फ सैंडविच परोसे जा रहे हैं।
4. 🚗 ऑटो LPG (वाहन ईंधन)
- बेंगलुरु में ऑटो LPG की कीमत 28 फरवरी को ₹59/लीटर थी, जो अब ₹89/लीटर हो गई है — दो हफ्तों में ₹30 की बढ़ोतरी।
- हैदराबाद में ऑटो-रिक्शा के लिए LPG ₹53/kg से बढ़कर ₹96/kg हो गई है।
- कई ऑटो LPG स्टेशन बंद हो गए हैं।
5. 💊 दवाइयाँ और फार्मा उत्पाद
- LPG से चलने वाले ऑटोक्लेव बंद होने से फार्मा उत्पादन प्रभावित हुआ है।
- 11 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के कारण फार्मा कच्चे माल की लागत बढ़ने से दवाओं के दाम बढ़ने की आशंका है।
6. 🏭 कपड़े और सिरेमिक उत्पाद
- टेक्सटाइल डाइंग इकाइयों की LPG लागत 8% से बढ़कर 8.8% हो गई है।
- सिरेमिक टाइल्स में 5% की लागत वृद्धि दर्ज की गई है।
कच्चे तेल का हाल
| ईंधन | कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| ब्रेंट क्रूड | ~$119.50/बैरल | मिड-2022 के बाद सबसे बड़ी एक दिन की बढ़त |
| WTI क्रूड | ~$85-101/बैरल | हफ्तेभर में 19.4% की उछाल |
| पेट्रोल (दिल्ली) | ₹94.77/लीटर | अभी स्थिर |
| डीज़ल (दिल्ली) | ₹87.67/लीटर | अभी स्थिर |
सरकार ने क्या कदम उठाए?
- Essential Commodities Act लागू किया गया — होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर कार्रवाई हो सकती है।
- Reliance Jamnagar, HPCL, Nayara Energy जैसी रिफाइनरियों को LPG उत्पादन 15% बढ़ाने का आदेश।
- घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता — अस्पताल, स्कूल और घर पहले।
- पीएम मोदी ने घबराने से मना किया, कहा — “पेट्रोल-डीज़ल की कोई कमी नहीं।”
- तेल आपूर्ति के लिए होर्मुज़ के बाहर के रास्तों पर काम तेज़ हुआ; कनाडा ने भी भारत को गैस आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है।
आम आदमी पर असर
एक मध्यमवर्गीय परिवार जो महीने में दो सिलेंडर भरता है, उसे अब सालाना ₹1,440 अधिक देने होंगे। देशभर में 27 करोड़ LPG कनेक्शन हैं — इस हिसाब से उपभोक्ताओं पर कुल ₹38,880 करोड़ का बोझ पड़ेगा।
क्या पेट्रोल-डीज़ल भी महंगा होगा?
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अभी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। भारत के पास पर्याप्त भंडार है और किसी भी पेट्रोल पंप पर कमी नहीं है। लेकिन यदि कच्चे तेल की कीमतें $100/बैरल के ऊपर बनी रहीं, तो आने वाले हफ्तों में OMCs (IOCL, BPCL, HPCL) दाम बढ़ा सकती हैं।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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