दिल्ली जल संकट: चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में तकनीकी खराबी, उत्तर-मध्य दिल्ली में पानी की किल्लत

दिल्ली के चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) में आई तकनीकी खराबी के कारण शहर के उत्तरी और मध्य इलाकों में पानी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है। अधिकारियों के अनुसार आपूर्ति बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है।


क्या हुई थी खराबी?

अधिकारियों ने बताया कि 22 मार्च 2026 को चंद्रावल WTP में 600 मिलीमीटर की बैकवॉश पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे पंप हाउस में जलभराव हो गया और सभी विद्युत एवं यांत्रिक (E&M) उपकरणों को बंद करना पड़ा। नतीजतन, प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई।

दिल्ली के चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में खराब पाइपलाइन के कारण पानी की टंकी खाली और नल सूखे।
चंद्रावल WTP में पाइपलाइन टूटी, दिल्ली के उत्तर-मध्य इलाकों में पानी संकट गहराया — जानें कौन से इलाके हैं सबसे ज़्यादा प्रभावित।

मरम्मत कार्य की स्थिति

क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत तुरंत शुरू की गई और इसे आपातकालीन आधार पर दुरुस्त कर लिया गया है। हालांकि, प्रारंभिक मरम्मत के बाद भी पंपसेट में तकनीकी गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे पूरी आपूर्ति बहाल होने में और देरी हुई।

  • 18 MGD और 11 MGD क्षमता के पंपसेट में खराबी आई थी।
  • फिलहाल 18 MGD और 11 MGD के पंपसेट चालू हैं, जिनसे करीब 29 MGD पानी पंप किया जा रहा है।
  • एक अतिरिक्त 11 MGD पंपसेट को बिजली से जोड़ दिया गया है, जो अभी नो-लोड पर चल रहा है और जल्द ही पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।

प्रभावित क्षेत्र

चंद्रावल WTP दिल्ली के उत्तरी और मध्य इलाकों को पानी की आपूर्ति करता है। इस खराबी से निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र प्रभावित हुए हैं:

  • सिविल लाइंस
  • कमला नगर
  • शक्ति नगर
  • करोल बाग
  • पहाड़गंज
  • हिंदू राव अस्पताल क्षेत्र
  • शास्त्री नगर
  • मालका गंज

पृष्ठभूमि: चंद्रावल प्लांट का महत्व

चंद्रावल WTP दिल्ली की जल आपूर्ति व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। सामान्य परिस्थितियों में यह प्लांट 94 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) पानी का उत्पादन करता है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की कुल उत्पादन क्षमता 990–1000 MGD के बीच है, जबकि शहर की दैनिक मांग करीब 1,290 MGD है — जो गर्मियों में और भी बढ़ जाती है।

दिल्ली सरकार ने चंद्रावल में 477 MLD क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है, जिसकी लागत ₹599 करोड़ है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे 2026 में चालू करने का लक्ष्य रखा है। यह परियोजना 2012 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन टेंडर रद्द होने और JICA दिशानिर्देशों का पालन न होने के कारण लंबे समय तक लटकी रही।

संसदीय समिति की चिंता

हाल ही में संसद की एक स्थायी समिति ने दिल्ली जल परियोजनाओं में हो रही देरी पर चिंता जताई है। समिति ने सिफारिश की है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली प्रशासन परियोजना की प्रगति की नियमित निगरानी करें ताकि समय-सीमा का पालन हो सके।

समिति ने यह भी नोट किया कि दिल्ली सरकार की अनुमानित आवश्यकता ₹17,997 करोड़ है, जबकि 2026-27 के बजट में महज ₹1,348 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह बड़ा वित्तीय अंतर जल आपूर्ति सहित अन्य बुनियादी परियोजनाओं को प्रभावित कर सकता है।


निवासियों के लिए सलाह

दिल्ली जल बोर्ड ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का उपयोग सोच-समझकर और मितव्ययिता से करें। जिन इलाकों में आपूर्ति प्रभावित है, वहां मांग पर पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।

DJB हेल्पलाइन नंबर: 1916

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

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