प्रकाशित समय : सुबह
राजधानी दिल्ली को झुग्गी-मुक्त बनाने की दिशा में रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Delhi Urban Shelter Improvement Board (DUSIB) यानी डूसिब झुग्गी पुनर्वास के लिए एक नई और व्यापक नीति तैयार करने में जुटा है। इसके तहत देश के अलग-अलग शहरों में लागू सफल मॉडलों का गहन अध्ययन किया जा रहा है, ताकि दिल्ली के लिए सबसे उपयुक्त और टिकाऊ योजना बनाई जा सके।
धारावी और सूरत से सीख लेगी दिल्ली
अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई के धारावी पुनर्विकास मॉडल का विशेष रूप से अध्ययन किया जा रहा है। इस मॉडल में झुग्गियों में रहने वाले करीब 70 फीसदी परिवारों ने खुद मिलकर कोऑपरेटिव सोसायटी बनाई और हाई-राइज बिल्डिंग निर्माण के लिए निजी बिल्डर की पहचान की। इस तरीके से पुनर्विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हुई, जिससे परियोजना को आगे बढ़ाने में आसानी हुई।

इसके अलावा, मुंबई की Slum Rehabilitation Authority (SRA), सूरत और अहमदाबाद के मॉडल भी अध्ययन में शामिल हैं। सभी विकल्पों का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही दिल्ली के लिए नई झुग्गी पुनर्वास नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सिर्फ झुग्गी हटाना नहीं, बेहतर जीवन देना है लक्ष्य
सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल झुग्गियां हटाना नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लाखों गरीब परिवारों को बेहतर और सम्मानजनक जीवन देना है। नई नीति के तहत इन परिवारों को साफ-सुथरा माहौल, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अब दिल्ली में कोई भी झुग्गी जबरदस्ती नहीं तोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा, “गरीबों के सम्मान और अधिकार की रक्षा के लिए हमारी सरकार ने एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है।”
50,000 पुराने फ्लैट होंगे झुग्गीवासियों के लिए तैयार
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत दिल्ली के बाहर बने करीब 50,000 पुराने और खाली पड़े फ्लैटों को मरम्मत कर झुग्गीवासियों को आवंटित किया जाएगा। ये फ्लैट पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण वर्षों से खाली और जर्जर हालत में पड़े थे।
ट्रांजिट कैंप न बने तो मिलेगा किराया
जहां ट्रांजिट कैंप बनाना संभव नहीं होगा, वहां सरकार झुग्गीवासी परिवारों को स्थायी फ्लैट मिलने तक हर महीने 5,000 रुपये से अधिक किराए की सहायता देने के विकल्प पर भी विचार कर रही है, ताकि उन्हें अस्थायी आवास की दिक्कत न हो।
राखी मार्केट जेजे कैंप पर विशेष ध्यान
जानकारों के मुताबिक, राजधानी की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में से एक जखीरा इलाके के पास स्थित राखी मार्केट जेजे कैंप को इस पुनर्वास योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। यह बस्ती लंबे समय से पुनर्वास योजनाओं के दायरे में रही है, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए जा सके थे।
शहरी विकास से जुड़ेगी यह योजना
इस पहल को दिल्ली के समग्र शहरी विकास योजना से भी जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि झुग्गी क्षेत्रों का सुव्यवस्थित पुनर्विकास किया जाए तो न केवल शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि दिल्ली की समग्र तस्वीर भी बदलेगी। यह कदम हजारों परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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