200 से अधिक हस्ताक्षरकर्ताओं ने संसद परिसर में राहुल गांधी के आचरण पर माफी की मांग की

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नई दिल्ली | 17 मार्च 2026


204 सेवानिवृत्त सशस्त्र बल अधिकारियों, पूर्व नौकरशाहों, राजनयिकों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के एक समूह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संसद परिसर के भीतर उनके आचरण को लेकर राष्ट्र से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।


घटना का विवरण

यह मामला 12 मार्च 2026 को संसद के मकर द्वार पर हुई एक घटना से जुड़ा है, जब राहुल गांधी कई सांसदों के साथ संसद भवन की सीढ़ियों पर बैठकर चाय और बिस्कुट का सेवन करते नजर आए। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं।

राहुल गांधी संसद की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए — 204 पूर्व सैन्य अधिकारियों और नौकरशाहों ने सार्वजनिक माफी की मांग की
204 पूर्व अधिकारियों की राहुल गांधी से माँग — संसद परिसर में अनुचित आचरण पर राष्ट्र से माफी माँगें

हस्ताक्षरकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उन स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना करते हुए किया गया, जिनमें संसद परिसर के भीतर किसी भी प्रदर्शन पर रोक लगाई गई थी।


खुले पत्र की प्रमुख बातें

पूर्व जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद द्वारा समन्वित इस खुले पत्र में कहा गया कि —

  • राहुल गांधी का आचरण संसदीय गरिमा की “जानबूझकर अवमानना” है।
  • अध्यक्ष के निर्देशों की अनदेखी करना महज एक छोटी भूल नहीं, बल्कि संसदीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
  • संसद की सीढ़ियाँ, गलियारे और लॉबी केवल आकस्मिक स्थान नहीं हैं — ये संस्था के अभिन्न अंग हैं और यहाँ भी उसी गरिमा का पालन अपेक्षित है।
  • “संसद राजनीतिक नाटकबाजी का मंच नहीं है।”
  • राहुल गांधी का यह आचरण एक “अहंकार और विशेषाधिकार की भावना” को दर्शाता है जो संवैधानिक लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।

हस्ताक्षरकर्ताओं का विवरण

वर्गसंख्या
सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी116
पूर्व नौकरशाह84
पूर्व राजदूत4
वरिष्ठ अधिवक्ता4
कुल204

पत्र में की गई मांग

पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया —

“श्री राहुल गांधी को इस व्यवहार के लिए राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए और आत्मचिंतन करना चाहिए, ताकि संसद की पवित्रता बनी रहे।”

हस्ताक्षरकर्ताओं ने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे जिम्मेदार और महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का आचरण और भी अधिक चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से भारत की लोकतांत्रिक छवि और देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी के इस विरोध प्रदर्शन की आलोचना की और उन पर देश तथा उसकी संस्थाओं को “बदनाम” करने का आरोप लगाया।

इस पत्र के जारी होने तक राहुल गांधी की ओर से इन विशिष्ट मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।

पृष्ठभूमि

यह विवाद एलपीजी की कमी के मुद्दे पर राहुल गांधी द्वारा नेतृत्व किए गए विरोध प्रदर्शन से उपजा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना संसद में विपक्ष के आचरण और विरोध प्रदर्शन की स्वीकार्य सीमाओं पर चल रही बहस को और तीव्र करेगी।


स्रोत: PTI, ANI, The Statesman, Republic World, Asianet Newsable — 17-18 मार्च 2026

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

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