प्रकाशित समय : सुबह
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध गुरुवार को अपने छठवें दिन में प्रवेश कर गया है। दोनों तरफ से लगातार हमले और जवाबी हमले जारी हैं। अब तक ईरान में एक हजार से अधिक, लेबनान में करीब 60 और इजरायल में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस संघर्ष में अमेरिका के 6 सैनिक भी मारे गए हैं।
सुबह 8:01 बजे — यरुशलम में फिर बजे सायरन, ईरान ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल
ईरान ने रात के अंधेरे में इजरायल पर एक और बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। हमले के बाद पूरे यरुशलम में अलार्म और सायरन गूंज उठे। इजरायली सेना ने तुरंत एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया और लोगों को मोबाइल के जरिए अलर्ट भेजा गया।
सुबह 7:47 बजे — आईडीएफ ने की पुष्टि, ईरान ने फिर दागीं मिसाइलें
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागी गई हैं। सेना ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।

सुबह 7:33 बजे — कुवैत हमले में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों की पहचान
पेंटागन ने कुवैत में हुए ड्रोन हमले में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों में से आखिरी दो की पहचान जारी की। इनमें सैक्रामेंटो के चीफ वारंट ऑफिसर रॉबर्ट मार्ज़न (54 वर्ष) और इंडियनोला के मेजर जेफरी ओ’ब्रायन (45 वर्ष) शामिल हैं। मार्ज़न की मौत कमांड सेंटर पर हमले के दौरान मौके पर ही हो गई।
सुबह 7:08 बजे — कुवैत के तट पर नया हमला, समुद्री व्यापार पर खतरा
कुवैत के तट के पास उत्तरी फारस की खाड़ी में एक बड़े धमाके की खबर आई। ब्रिटिश सेना द्वारा संचालित यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। धमाके के बाद इलाके से एक छोटा जहाज निकलता दिखा। इससे पहले इस तरह की घटनाएं होर्मुज और ओमान की खाड़ी तक सीमित थीं।
सुबह 5:38 बजे — ईरान के बुकान शहर पर बमबारी, सरकारी इमारत भी ध्वस्त
ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर बुकान में भारी बमबारी हुई। इसमें गवर्नरेट बिल्डिंग समेत कई घरों और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचा। ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने इस खबर की पुष्टि की।
रात 4:33 बजे — अमेरिकी सीनेट ने ईरान पर हमले रोकने वाला बिल खारिज किया
अमेरिकी सीनेट ने “वॉर पावर्स रेजोल्यूशन” के तहत लाए गए उस प्रस्ताव को 53 के मुकाबले 47 वोटों से खारिज कर दिया, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग थी। रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने बिल के पक्ष में, जबकि डेमोक्रेट सीनेटर जॉन फेटरमैन ने इसके विरोध में मतदान किया।
रात 4:04 बजे — ईरान की चेतावनी: इजरायल की डिमोना न्यूक्लियर साइट भी निशाने पर
ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका और इजरायल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं, तो ईरान इजरायल की डिमोना परमाणु साइट पर हमला कर सकता है। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आया है।
रात 3:41 बजे — तेहरान से पलायन तेज, दो दिनों में एक लाख लोग छोड़ चुके हैं राजधानी
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के अनुसार, युद्ध के पहले दो दिनों में करीब एक लाख लोग तेहरान छोड़ चुके हैं। रोजाना 1000 से 2000 वाहन मुख्यतः उत्तर दिशा की ओर राजधानी से निकल रहे हैं। हालांकि अभी सीमा पार बड़े पैमाने पर पलायन नहीं हुआ है।
रात 12:21 बजे — तेहरान के सैन्य मुख्यालय पर इजरायल का बड़ा हमला
इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने तेहरान में एक बड़े सैन्य और सुरक्षा परिसर पर व्यापक हवाई हमला किया। इस परिसर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की इकाइयां और खुफिया विभागों के दफ्तर मौजूद थे।
रात 12:46 बजे — व्हाइट हाउस: ईरान ने शांति का रास्ता खुद ठुकराया
व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाकर अमेरिका को धमकाना चाहता था, इसीलिए उसने शांति वार्ता को नकार दिया। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनियां कभी खाली नहीं होतीं।
रात 1:37 बजे — हिज्बुल्लाह प्रमुख बोले: इजरायल का लेबनान पर हमला पूर्व नियोजित था
हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि लेबनान पर इजरायल की सैन्य कार्रवाई एक सोची-समझी साजिश है। लेबनान से रॉकेट हमलों के बाद इजरायली सेना ने जवाबी हमला किया था, जिसकी जिम्मेदारी हिज्बुल्लाह ने ली।
रात 3:06 बजे — रुबियो और सऊदी विदेश मंत्री के बीच बातचीत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बात की। दोनों ने मिडिल ईस्ट संकट और ईरान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
रात 3:00 बजे — ट्रंप का दावा: अमेरिकी सेना की स्थिति बेहद मजबूत
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि एक हफ्ते से भी कम समय में अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ युद्ध में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।
पृष्ठभूमि: मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष लगातार छठे दिन भी जारी है। ईरान अमेरिकी दूतावासों और सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है, जबकि इजरायल और अमेरिका ईरान और लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। हालात सुधरने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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