प्रकाशित समय : सुबह
ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। एलजी चौक से सेक्टर बीटा-1 तक लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें सड़क के दोनों किनारों पर एक-एक नई लेन जोड़ी जाएगी। इससे वाहनों के लिए आवागमन अब अधिक सहज और तेज हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक ने बताया कि एलजी गोलचक्कर के आसपास चारों तरफ की सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। भविष्य में जाम की समस्या से बचने के लिए सड़क को अतिरिक्त लेन में बदलने पर विचार किया गया है।

क्यों जरूरी है यह विस्तार?
इंडिया एक्सपो मार्ट में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ जाती है। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यहां और भी कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। इस कारण से सड़कों को चौड़ा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
पूर्व में जब यात्री दिल्ली या नोएडा की तरफ से एक्सप्रेसवे के जरिए परी चौक, एलजी चौक, कलेक्ट्रेट, सूरजपुर, सेक्टर गामा 1, गामा 2, बीटा 1, बीटा 2, इंडस्ट्रियल एरिया और गाजियाबाद की ओर जाते थे तो उन्हें 16 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था।
सड़क चौड़ीकरण की खासियतें
दोनों सेक्टरों के बीच लगभग दो किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत आई है। सड़क के दोनों किनारों पर एक-एक नई लेन जोड़ी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम सिंह ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में यातायात को और बेहतर बनाने के लिए एक सर्विस रोड का भी निर्माण किया जा रहा है।
किसे मिलेगा फायदा?
नई सड़क बनने के बाद यह अतिरिक्त दूरी खत्म हो जाएगी, जिससे कई सेक्टरों को फायदा होगा। सेक्टर बीटा-1 में रहने वाले हजारों निवासियों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र से आने-जाने वाले कामगारों और व्यापारियों को भी इस परियोजना से सीधी राहत मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने बताया कि शहर में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए सड़कों को चौड़ा करने, नए यूटर्न बनाने और अन्य वैकल्पिक उपायों पर लगातार काम किया जा रहा है।
बड़ी कनेक्टिविटी योजना का हिस्सा
यह चौड़ीकरण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की व्यापक अवसंरचना योजना का हिस्सा है। एलजी चौक से एक्सप्रेसवे तक यह मार्ग करीब 2 किमी का होगा और इसकी चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 147 करोड़ रुपये आंकी गई है।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
स्वतंत्र समाचार प्रकाशक जो वैश्विक मामलों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और सार्वजनिक नीति पर ध्यान केंद्रित करता है – और सब कुछ सत्यापित रिपोर्टिंग के साथ!
यह भी पढ़ें
रेवाड़ी और अंबाला में बनेंगे नए मिल्क प्लांट — 600 करोड़ का निवेश

Leave a Reply