प्रकाशित समय : सुबह
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता (Trade Deal) सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत के साथ अपने संबंधों को “शानदार” (Fantastic) बताया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अंतरिम ढांचे (Interim Framework) के तहत तय किए गए 18% टैरिफ को भारत चुकाना जारी रखेगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भारत की नजर भारतीय अधिकारी टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया पर करीब से नजर रख रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि अंतरिम व्यापार समझौते पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, इसलिए इसमें बातचीत की कुछ गुंजाइश हो सकती है।

समझौते की शर्तें अंतरिम व्यापार सौदे के हिस्से के रूप में, भारत अधिकांश वस्तुओं पर आयात शुल्क (Tariffs) कम करने के लिए सहमत हुआ है। इसके बदले में अमेरिका भी पारस्परिक टैरिफ घटाकर 18% करेगा। हालांकि, लोहा, स्टील, तांबा, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स जैसे विशिष्ट क्षेत्रों पर 50% का टैरिफ बरकरार रहेगा।
भारत की रणनीति और बातचीत भारत सरकार ने इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि अदालती फैसले के प्रभाव का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। एक अधिकारी ने बताया, “भारत ने अभी तक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए बातचीत की संभावना हो सकती है। हम देखेंगे कि अमेरिकी सरकार अदालती फैसले पर क्या रुख अपनाती है।”
भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में एक टीम कानूनी पाठ (Legal Text) को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन जा रही है। अगले महीने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर के इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दिल्ली आने की संभावना है।
अप्रैल से लागू हो सकता है समझौता इससे पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि यह समझौता अप्रैल तक लागू हो जाएगा। शुक्रवार को इंडोनेशिया भी अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने वाला नवीनतम देश बन गया, जहां पारस्परिक टैरिफ 19% तय किया गया है। मलेशिया, अर्जेंटीना, बांग्लादेश और ताइवान जैसे देश पहले ही ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं।
ट्रंप का ‘प्लान बी’ डोनाल्ड ट्रंप व्यापार के मामले में कड़ा रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 का उपयोग करते हुए सभी देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, वह धारा 301 के तहत ‘अनुचित व्यापार प्रथाओं’ के लिए देशों के खिलाफ जांच के आदेश भी दे सकते हैं।
अमेरिका भारतीय निर्यात के लिए सबसे बड़ा बाजार है, जो भारत के कुल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा है। ऐसे में यह ट्रेड डील भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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