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जापानी कंपनी Proterial आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में स्थापित करेगी देश का पहला Metglas उत्पादन केंद्र
जापान की प्रमुख धातु एवं स्टील कंपनी Proterial Ltd (पूर्व में Hitachi Metals) ने भारत में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कंपनी ने आंध्र प्रदेश के श्री सिटी औद्योगिक पार्क में देश का पहला अमॉर्फस इलेक्ट्रिकल स्टील (Metglas) उत्पादन संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना से भारत की लगभग 30,000 टन सालाना आयात निर्भरता में सीधी कटौती होने की उम्मीद है।
निवेश और क्षमता
इस परियोजना के पहले चरण में ₹680 से ₹720 करोड़ (लगभग 7.7 करोड़ डॉलर) का निवेश किया जाएगा। संयंत्र में दो उत्पादन लाइनें होंगी, जिनकी संयुक्त वार्षिक क्षमता 30,000 टन प्रति वर्ष होगी। अक्टूबर 2026 से उत्पादन शुरू होने की योजना है। भविष्य में इस क्षमता को बढ़ाकर 1 लाख टन प्रति वर्ष तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

Proterial के वैश्विक अध्यक्ष एवं सीईओ Sean M. Stack ने बताया कि एक बार पूर्ण रूप से चालू होने के बाद यह संयंत्र भारत की अमॉर्फस स्टील की आधी आयात जरूरतों को पूरा कर सकता है, और अगले तीन से पाँच वर्षों में देश की आयात निर्भरता लगभग समाप्त हो सकती है।
अमॉर्फस स्टील क्या है और क्यों है खास?
अमॉर्फस स्टील, जिसे Metglas भी कहते हैं, एक उन्नत धातु सामग्री है जिसका उपयोग बिजली वितरण ट्रांसफार्मर के कोर में किया जाता है। यह पारंपरिक ग्रेन-ओरिएंटेड सिलिकॉन स्टील की तुलना में ट्रांसफार्मर में ऊर्जा हानि को 20 से 30 प्रतिशत तक कम करता है।
Proterial India के CMD संजय सेठ के अनुसार, अमॉर्फस स्टील से बने ट्रांसफार्मर में स्टैंडबाय पावर लॉस एक-तिहाई तक घट जाता है, जिससे ग्रिड दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
भारत में ट्रांसमिशन एवं वितरण (T&D) नुकसान वर्तमान में लगभग 290 अरब यूनिट प्रति वर्ष आँके गए हैं — जो बिजली उत्पादन का करीब 16.64% है। अमॉर्फस स्टील के बड़े पैमाने पर उपयोग से इन नुकसानों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भारत की आयात निर्भरता
Proterial India के CMD संजय सेठ ने बताया कि भारत में अमॉर्फस धातु की सालाना माँग 60,000 से 70,000 टन है और अभी तक इसकी 100% पूर्ति आयात से होती रही है। देश में इलेक्ट्रिकल ग्रेड स्टील का कुल बाजार अनुमानित रूप से 2 से 3 अरब डॉलर का है और 2030 तक इसके 4 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है।
Proterial के CEO ने कहा, “फिलहाल भारत में उपयोग होने वाली सभी इलेक्ट्रिकल स्टील सामग्री — चाहे ग्रेन-ओरिएंटेड हो या अमॉर्फस — आयातित है। हमारा संयंत्र पहला स्थानीय रूप से उत्पादित विकल्प होगा।”
भागीदारी और रोजगार
इस परियोजना को संयुक्त उद्यम (JV) के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा, जिसमें Proterial की 74% हिस्सेदारी होगी और स्थानीय ट्रांसफार्मर निर्माता Shirdi Sai Electricals की 26% हिस्सेदारी होगी। Shirdi Sai Electricals घरेलू ट्रांसफार्मर उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र में तैयार उत्पादों की आपूर्ति और एकीकरण में सहायता करेगी।
संयंत्र के चालू होने पर 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसके अलावा, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी बल मिलेगा।
PLI योजना और ‘मेक इन इंडिया’
यह परियोजना भारत सरकार की PLI 1.2 (उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन) योजना — जो नवंबर 2025 में स्पेशलिटी स्टील के लिए घोषित की गई थी — के तहत स्थापित की जा रही है। यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप है और आयात प्रतिस्थापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Proterial के पास पहले से जापान और अमेरिका में अमॉर्फस धातु उत्पादन संयंत्र हैं। भारतीय संयंत्र कंपनी का तीसरा वैश्विक उत्पादन केंद्र होगा और इससे कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता करीब 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी। कंपनी ने 2030 तक भारतीय संयंत्र से 10 करोड़ डॉलर की बिक्री का लक्ष्य रखा है।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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