मेरठ मेट्रो बनेगी देश की सबसे तेज़ मेट्रो, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भरेगी फर्राटा

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प्रकाशित समय : सुबह

नई दिल्ली: मेरठ मेट्रो जल्द ही भारत की सबसे तेज़ मेट्रो सेवा बनने के लिए तैयार है। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति (operational speed) के साथ, यह शहर के भीतर यात्रा के समय में भारी कटौती करेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह मेट्रो सेवा देश के शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

30 मिनट में तय होगा 21 किमी का सफर

मेरठ मेट्रो का यह कॉरिडोर मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच 21 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन होंगे। अधिकारियों का कहना है कि सभी स्टेशनों पर ठहराव के बावजूद, मेट्रो इस पूरी दूरी को मात्र 30 मिनट में तय कर लेगी। इससे मेरठ वासियों को सड़क जाम से बड़ी राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।

एलिवेटेड ट्रैक पर हाई-स्पीड मेरठ मेट्रो ट्रेन का बाहर का नज़ारा, जिसमें सिग्नेचर ग्रीन और ब्लू रंग है, जो मेरठ-RRTS कॉरिडोर के मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर को दिखाता है।
भारतीय शहरी परिवहन के भविष्य को देखें: मेरठ मेट्रो, भारत की सबसे तेज़ मेट्रो सेवा, 120 kmph की रफ़्तार से, UP में यात्रा को बदलने के लिए तैयार है।

नमो भारत के साथ साझा ट्रैक: भारत में पहली बार

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका एकीकृत मॉडल है। भारत में पहली बार मेरठ मेट्रो, सेमी-हाई-स्पीड नमो भारत (RRTS) ट्रेनों के साथ एक ही ट्रैक और बुनियादी ढांचे को साझा करेगी। यह मॉडल क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट और शहरी मेट्रो सेवाओं को एक साथ जोड़कर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का काम करेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ट्रेनसेट्स

अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो के कोच आधुनिक स्टेनलेस स्टील से बने हैं, जो वजन में हल्के और ऊर्जा की बचत करने वाले हैं।

  • डिजाइन और रंग: इन ट्रेनों को फ्लोरोसेंट हरे, नीले और नारंगी रंगों के आकर्षक संयोजन के साथ डिजाइन किया गया है।
  • तकनीक: तीन-कोच वाली ये ट्रेनें ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम’ से लैस हैं। इनमें सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा

  • क्षमता: प्रत्येक एयर-कंडीशंड ट्रेन में 700 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे, जिसमें 173 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
  • सुविधाएं: कोच में कुशन वाली सीटें, सामान रखने के रैक, USB चार्जिंग पोर्ट और महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटें दी गई हैं।
  • सुरक्षा: स्टेशनों और ट्रेनों में चौबीसों घंटे CCTV निगरानी रहेगी। साथ ही सभी स्टेशनों पर ‘प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स’ (PSDs) लगाए गए हैं ताकि हादसों को रोका जा सके।
  • एक्सेसिबिलिटी: दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर स्पेस, लिफ्ट और स्ट्रेचर के लिए समर्पित क्षेत्रों की व्यवस्था की गई है।

उत्तर प्रदेश का पांचवां मेट्रो शहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस मेट्रो सेवा का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही मेरठ, उत्तर प्रदेश का पांचवां ऐसा शहर बन जाएगा जहाँ मेट्रो नेटवर्क उपलब्ध है। मेरठ मेट्रो से पहले भारत में सबसे अधिक परिचालन गति (110 किमी प्रति घंटा) दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की थी, जिसका रिकॉर्ड अब मेरठ मेट्रो तोड़ने जा रही है।

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

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