नेपाल चुनाव ऐतिहासिक, शांतिपूर्ण रहे — पीएम मोदी ने नई सरकार के साथ काम करने की जताई तत्परता
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Khushlal Prajapati
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प्रकाशित समय : सुबह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल में सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए आम चुनावों के लिए वहां के लोगों और सरकार को बधाई दी। उन्होंने इसे नेपाल के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया।
मोदी का X पर संदेश
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा —
“मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनावों के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन पर हार्दिक बधाई देता हूं। यह देखकर मन प्रसन्न होता है कि मेरी नेपाली बहनें और भाई इतने उत्साह के साथ अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं। यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा का एक गौरवशाली क्षण है। एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में, भारत नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर साझा शांति, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रतिबद्ध है।”
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बालेंद्र शाह की ऐतिहासिक जीत
रैपर से राजनेता बने बालेंद्र शाह (बालेन) ने झापा-5 सीट से चार बार के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी मतों से हराया। नेपाल निर्वाचन आयोग के अनुसार, बालेन को 68,348 वोट मिले जबकि ओली को मात्र 18,734 वोट प्राप्त हुए — यानी 49,614 मतों का विशाल अंतर।
इस जीत के साथ, बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने संसद में बहुमत हासिल कर लिया है और बालेन नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं।
RSP की जबरदस्त सफलता
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (FPTP) प्रणाली में शानदार प्रदर्शन करने के साथ-साथ आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में भी 56% से अधिक वोट हासिल किए। यदि यही रुझान जारी रहा तो RSP 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में अकेले दम पर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सकती है।
GenZ आंदोलन की पृष्ठभूमि
ये चुनाव पिछले वर्ष हुए हिंसक GenZ आंदोलन के बाद पहली बार हो रहे थे, जिसमें युवाओं ने भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और पीढ़ीगत बदलाव की मांग की थी। RSP का चुनावी एजेंडा — शून्य सहनशीलता भ्रष्टाचार, सुशासन और विकास — इन्हीं आकांक्षाओं का प्रतिबिंब था।
भारत का सहयोग का आश्वासन
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 4 मार्च को ही कहा था — “हम नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।” नई दिल्ली ने नेपाल के अनुरोध पर चुनाव प्रक्रिया में लॉजिस्टिक सहायता भी प्रदान की।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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