प्रकाशित समय : सुबह
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एक के बाद एक कई बड़ी सौगातें दीं। डीबीटी के जरिये कुल 38.49 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी गई। amarujala इसके साथ ही सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का वादा भी किया।
साड़ी-यूनिफॉर्म के लिए करोड़ों की राशि हस्तांतरित
सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी-यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से 29.59 करोड़ रुपये की धनराशि स्थानांतरित की। उन्होंने मंच पर नेहा दुबे, मानसी साहू, पूनम तिवारी और मनोरमा मिश्रा को साड़ी भेंट की, जबकि सेवा मित्र आकांक्षा (ब्यूटीशियन) और रत्ना भारती को यूनिफॉर्म सौंपी।
रानीगंज की आंगनबाड़ी कार्यकत्री मानसी साहू ने कहा कि योगी सरकार उनकी हर समस्या को गंभीरता से सुनती है और यह पहल उन्हें अन्य सरकारों से अलग बनाती है।

बीमा योजनाओं से जोड़ा — सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
बीमा प्रीमियम की 8.90 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्थानांतरित की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा गया।
इन योजनाओं के अंतर्गत प्रावधान इस प्रकार हैं:
18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं की मृत्यु होने पर परिजनों को 2 लाख रुपये मिलेंगे, जिसका वार्षिक प्रीमियम 436 रुपये है। वहीं 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं को दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपये तथा आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा, जिसका वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये है। amarujala
आयुष्मान कार्ड का वितरण
सीएम ने पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं — गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती — को मंच पर बुलाकर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए।
सफल महिला उद्यमियों से संवाद
सीएम ने कार्यक्रम के दौरान वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर की 600 से अधिक महिलाओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद किया। इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं।
वाराणसी की सीता देवी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से उन्होंने ई-रिक्शा चलाया और क्षेत्र की 250 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया। चंदौली की सोनी कुमारी फूलों की खेती करती हैं और महिला समूहों के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ रही हैं। जौनपुर की दुर्गा मौर्य ड्रोन दीदी के रूप में कार्य करती हैं और उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन की फैक्ट्री स्थापित की है।
तीन पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘आत्ममंथन’, ‘सारथी’ और ‘नवदिशा’ — तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया, जो महिला सशक्तीकरण, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्य और कौशल विकास पर आधारित हैं। साथ ही रोजगार संगम पोर्टल के मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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