ईरान को मिली रूसी खुफिया मदद से बौखलाया अमेरिका! विटकॉफ ने पुतिन को भेजा कड़ा संदेश

Posted by

प्रकाशित समय : सुबह

मिडिल ईस्ट की जंग के बीच रूस ने ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की लोकेशन साझा की — अमेरिका ने मास्को को चेतावनी दी, ट्रंप बोले ‘कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा’


वाशिंगटन/तेहरान, 8 मार्च 2026: मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच की जंग के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के हवाले से ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ ने खुलासा किया है कि रूस, ईरान को अमेरिकी सैन्य संपत्तियों — जिनमें युद्धपोत और लड़ाकू विमान शामिल हैं — की सटीक लोकेशन की जानकारी दे रहा है। यह खुलासा इस बात का पहला संकेत है कि एक और बड़ी परमाणु शक्ति इस जंग में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो गई है।


विटकॉफ का रूस को कड़ा संदेश

अमेरिका के मिडिल ईस्ट विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने रूस को सीधे शब्दों में कह दिया है कि वह ईरान को किसी भी प्रकार की टारगेटिंग जानकारी या अन्य सैन्य सहायता न दे। यह संदेश ऐसे समय भेजा गया है जब 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग को नौ दिन बीत चुके हैं और ईरानी जवाबी हमले थमने का नाम नहीं ले रहे।

डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की फाइल फोटो, पृष्ठभूमि में मिडिल ईस्ट का नक्शा, रूस-ईरान-अमेरिका तनाव को दर्शाती तस्वीर
रूस दे रहा ईरान को अमेरिकी सेना की खुफिया जानकारी — विटकॉफ ने पुतिन को भेजा सख्त संदेश, ट्रंप बोले ‘कोई फर्क नहीं पड़ रहा’

सैटेलाइट से मिल रही है ईरान को मदद

CNN और वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने ईरान के साथ अपने उन्नत सैटेलाइट नक्षत्र से ली गई तस्वीरें साझा की हैं जिनसे अमेरिकी सैन्य अड्डों, कर्मियों की स्थिति और रसद प्रवाह की जानकारी मिलती है। एक अमेरिकी अधिकारी ने इसे ‘काफी व्यापक प्रयास’ बताया, हालांकि रूस की मदद की पूरी सीमा अभी स्पष्ट नहीं है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान की स्वयं की अमेरिकी ठिकानों को ट्रैक करने की क्षमता काफी कमजोर हो चुकी थी, इसलिए रूसी सैटेलाइट डेटा ईरान के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।


ट्रंप बोले — ईरान को कोई खास फायदा नहीं

विटकॉफ के साथ मौजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि रूसी मदद से जंग में कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा। उन्होंने कहा, ‘अगर आप देखें कि पिछले हफ्ते ईरान के साथ क्या हुआ तो साफ है कि उन्हें इससे ज्यादा मदद नहीं मिल रही।’ व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करोलिन लेविट ने भी कहा कि रूसी रिपोर्ट ‘सैन्य अभियान पर कोई असर नहीं डाल रही क्योंकि हम उन्हें पूरी तरह तबाह कर रहे हैं।’ अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने CBS के ’60 मिनट्स’ में कहा कि ‘हम सब ट्रैक कर रहे हैं’ और ‘हम चिंतित नहीं हैं।’


पुतिन का फोन और कूटनीतिक आग्रह

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 6 मार्च को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की और टकराव तुरंत खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया। क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन ने ईरान या पूरे मिडिल ईस्ट से जुड़े किसी भी मुद्दे का समाधान ताकत नहीं बल्कि कूटनीतिक रास्ते से निकालने का आग्रह किया। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने NBC न्यूज को बताया कि ‘ईरान और रूस के बीच सैन्य सहयोग कोई रहस्य नहीं है।’ हालांकि, क्रेमलिन ने यह भी कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद रूस से कोई सैन्य समर्थन नहीं मांगा है।


रूस-ईरान का गठजोड़ — पृष्ठभूमि

रूस ने यूक्रेन युद्ध में ड्रोन और मिसाइलों की बढ़ती जरूरत के चलते ईरान के साथ संबंध और गहरे किए थे। 2025 में दोनों देशों ने एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें साझा खतरों का मुकाबला करने के प्रावधान हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध में भारी उपकरणों के नुकसान के कारण रूस सीधे हथियार नहीं भेज सकता, इसलिए खुफिया जानकारी साझा करना मास्को का सबसे तत्काल और मूल्यवान योगदान है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस के तातारस्तान में बने ईरानी-डिजाइन शाहेद ड्रोन (रूस में जिरेन-2 नाम से) अब करीब 3,000 प्रति माह की दर से बन रहे हैं।

अमेरिकी सांसदों की तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन ने इस खुलासे को लेकर कड़ी आलोचना करते हुए कहा, ‘कोई गलती न करें — रूस मिडिल ईस्ट, यूक्रेन और पूरी दुनिया में अमेरिकियों को निशाना बना रहा है।’ वाशिंगटन इंस्टीट्यूट की रूस विशेषज्ञ अन्ना बोर्शचेवस्काया का कहना है कि पुतिन की प्राथमिकता अभी यूक्रेन है और ‘रूस के लिए अमेरिका के साथ सीधी सैन्य टक्कर लेना मूर्खता होगी।’

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

स्वतंत्र समाचार प्रकाशक जो वैश्विक मामलों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और सार्वजनिक नीति पर ध्यान केंद्रित करता है – और सब कुछ सत्यापित रिपोर्टिंग के साथ!

यह भी पढ़ें  

अमेरिका-वेनेजुएला के बीच 1,000 किलो सोने का बड़ा सौदा — ट्रंप प्रशासन ने करायी ऐतिहासिक डील

अमेरिकी इंटीरियर सेक्रेटरी Doug Burgum और वेनेजुएला की Delcy Rodriguez के बीच सोने के सौदे पर बैठक, काराकास 2026
अमेरिका-वेनेजुएला के बीच 1,000 किलो सोने का ऐतिहासिक सौदा — ट्रंप प्रशासन ने कराई बड़ी डील, जानें पूरा सच

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *