प्रकाशित समय : सुबह
सदियों पहले बेंजामिन फ्रैंकलिन ने बिजली को बोतल में कैद करने का सपना देखा था। आज कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा (UCSB) के वैज्ञानिकों ने उस सपने को एक नई हकीकत दी है। उन्होंने एक ऐसा अनोखा तरल (Liquid) विकसित किया है जो सूरज की रोशनी को सोखकर उसे महीनों या सालों तक सुरक्षित रख सकता है और जरूरत पड़ने पर गर्मी (Heat) के रूप में रिलीज कर सकता है।
बैटरी की छुट्टी, केमिकल बॉन्ड्स का जादू
आमतौर पर सौर ऊर्जा को बिजली में बदलकर भारी-भरकम बैटरी में स्टोर किया जाता है, जिसमें ऊर्जा का काफी नुकसान होता है। लेकिन UCSB की एसोसिएट प्रोफेसर ग्रेस हान और उनकी टीम ने ‘मॉलिक्यूलर सोलर-थर्मल’ (MOST) तकनीक का इस्तेमाल किया है।

यह तकनीक बिजली के बजाय सीधे सौर ऊर्जा को अणुओं के ‘केमिकल बॉन्ड्स’ में जमा करती है। इस तरल में ‘पायरीमिडोन’ (pyrimidone) नाम के विशेष अणु होते हैं जो सूरज की रोशनी पड़ते ही अपनी संरचना बदल लेते हैं।
कैसे काम करता है यह ‘लिक्विड स्प्रिंग’?
इसे आप एक नन्हे ‘स्प्रिंग’ की तरह समझ सकते हैं।
- चार्जिंग: जब धूप इस तरल पर पड़ती है, तो अणु मुड़कर एक उच्च-ऊर्जा वाली स्थिति (जिसे देवार कॉन्फ़िगरेशन कहते हैं) में आ जाते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी स्प्रिंग को दबाकर लॉक कर दिया गया हो।
- भंडारण: एक बार ‘लॉक’ होने के बाद, ये अणु महीनों या सालों तक उसी स्थिति में रह सकते हैं। कमरे के तापमान पर इनका ‘हाफ-लाइफ’ 481 दिनों का है, यानी ये बिना ऊर्जा खोए लंबे समय तक स्टोर किए जा सकते हैं।
- डिस्चार्ज: जब गर्मी की जरूरत होती है, तो एक उत्प्रेरक (Catalyst) या हल्की गर्मी के जरिए अणुओं को वापस उनकी मूल स्थिति में लाया जाता है। जैसे ही स्प्रिंग वापस अपनी जगह आता है, वह जमा की गई ऊर्जा को ‘ताप’ (Heat) के रूप में छोड़ देता है।
लिथियम-आयन बैटरी से दोगुना ताकतवर
इस शोध की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी ऊर्जा घनत्व (Energy Density) है। इस तरल की ऊर्जा क्षमता लगभग 1.6 मेगाजूल प्रति किलोग्राम (MJ/kg) है, जो कि मौजूदा लिथियम-आयन बैटरी (0.9 MJ/kg) से लगभग दोगुनी है।
इसके फायदे और भविष्य के उपयोग
- स्केलेबिलिटी: चूंकि यह एक तरल पदार्थ है, इसलिए इसे साधारण पाइपों के जरिए पंप किया जा सकता है और बड़े टैंकों में जमा किया जा सकता है।
- घरेलू उपयोग: घरों की छतों पर लगे सोलर कलेक्टर इस लिक्विड को दिनभर चार्ज कर सकते हैं। रात में इसी तरल का उपयोग पानी गर्म करने, खाना पकाने या घर को गर्म रखने के लिए किया जा सकता है।
- सीजनल स्टोरेज: आप गर्मियों की तीखी धूप को इस तरल में कैद कर सकते हैं और कड़ाके की सर्दियों में इसका उपयोग हीटिंग के लिए कर सकते हैं।
वैज्ञानिकों ने एक प्रयोग के दौरान इस तरल से निकलने वाली गर्मी से पानी उबालकर भी दिखाया। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह तकनीक सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है, क्योंकि यह सस्ती, पुन: उपयोग के योग्य (Reusable) और पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है।
यह शोध हाल ही में प्रतिष्ठित जर्नल ‘साइंस’ (Science) में प्रकाशित हुआ है।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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