प्रकाशित समय : सुबह
नई दिल्ली: भारत सरकार ने साइबर फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब वॉट्सऐप (WhatsApp), टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) जैसे मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने ‘सिम-बाइंडिंग’ नियम को अनिवार्य कर दिया है।
1. सिम-बाइंडिंग (SIM Binding) क्या है और यह कैसे काम करता है?
अब तक, आप किसी भी मोबाइल नंबर से ओटीपी (OTP) के जरिए वॉट्सऐप या टेलीग्राम एक्टिवेट कर सकते थे। एक बार एक्टिवेट होने के बाद, अगर आप फोन से सिम निकाल भी दें या वह सिम किसी दूसरे फोन में हो, तो भी ऐप चलता रहता था।

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नया नियम: 1 मार्च 2026 से, मैसेजिंग ऐप केवल तभी काम करेंगे जब वह रजिस्टर्ड सिम कार्ड भौतिक रूप से (physically) उस डिवाइस के अंदर मौजूद और सक्रिय (active) होगा।
- निरंतर सत्यापन: ऐप समय-समय पर यह चेक करेगा कि सिम फोन में है या नहीं।
- सिम निकालने पर पाबंदी: यदि आप फोन से सिम निकालते हैं या उसे निष्क्रिय करते हैं, तो मैसेजिंग ऐप काम करना बंद कर देगा।
- वेब/डेस्कटॉप लॉगआउट: वॉट्सऐप वेब या डेस्कटॉप वर्जन का इस्तेमाल करने वालों को अब हर 6 घंटे में ऑटोमैटिक लॉगआउट कर दिया जाएगा। उन्हें दोबारा क्यूआर (QR) कोड स्कैन करके लॉगिन करना होगा।
2. ज्योतिरादित्य सिंधिया इस नियम पर जोर क्यों दे रहे हैं?
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है।” सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- साइबर अपराध पर लगाम: कई घोटालेबाज भारतीय नंबरों का उपयोग विदेशों से ऐप चलाने के लिए करते हैं। सिम-बाइंडिंग से यह सुनिश्चित होगा कि ऐप चलाने वाला व्यक्ति वास्तव में उस सिम का मालिक है।
- ट्रेसेबिलिटी (Traceability): अपराध होने की स्थिति में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए अपराधी को ट्रैक करना आसान होगा क्योंकि ऐप सीधे सक्रिय सिम से जुड़ा होगा।
- धोखाधड़ी से सुरक्षा: यह नियम फर्जी केवाईसी (KYC) और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे घोटालों को रोकने में मदद करेगा।
3. यूजर्स पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
आम यूजर्स के लिए यह नियम सुरक्षा तो बढ़ाएगा, लेकिन कुछ असुविधाएं भी ला सकता है:
- मल्टी-डिवाइस यूजर्स: जो लोग एक ही अकाउंट को कई फोन या टैबलेट (बिना सिम वाले) पर चलाते हैं, उन्हें दिक्कत हो सकती है।
- अंतरराष्ट्रीय यात्री: यदि आप विदेश यात्रा के दौरान अपनी भारतीय सिम निकालकर वहां की लोकल सिम लगाते हैं, तो आपका वॉट्सऐप काम करना बंद कर सकता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि रोमिंग पर रहने वाले यूजर्स (जिनकी सिम फोन में ही है) पर इसका असर नहीं होगा।
- प्रोफेशनल यूजर्स: ऑफिस में काम करने वाले लोग जो दिनभर वॉट्सऐप वेब का उपयोग करते हैं, उन्हें हर 6 घंटे में दोबारा लॉगिन करने की झंझट झेलनी होगी।
4. समय सीमा (Deadline)
दूरसंचार विभाग ने सभी ओटीपी-आधारित प्लेटफॉर्म्स को 28 फरवरी 2026 तक इस नियम का पालन करने का निर्देश दिया है। सिंधिया ने साफ किया है कि इस डेडलाइन में कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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