प्रकाशित समय : सुबह
नई दिल्ली | 27 फरवरी, 2026
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR), चांदीपुर से ‘वेरी शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम’ (VSHORADS) के लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किए हैं। ये परीक्षण विभिन्न गति, दूरी और ऊंचाई पर उड़ने वाले तीव्र गति के खतरों को बेअसर करने की VSHORADS मिसाइल प्रणाली की क्षमता की पुन: पुष्टि करने के लिए किए गए थे।
इन सभी उड़ान परीक्षणों के दौरान, मिसाइलों ने दुश्मन के विमानों की नकल करने वाले उच्च गति के हवाई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और उन्हें नष्ट कर दिया। ये परीक्षण सभी कठिन परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण परिदृश्यों में खरे उतरे। परीक्षणों को अंतिम तैनाती के कॉन्फ़िगरेशन में आयोजित किया गया था, जहाँ फील्ड ऑपरेटरों द्वारा लक्ष्य की पहचान और मिसाइल दागने की प्रक्रिया पूरी की गई।

DRDO ने ITR चांदीपुर में VSHORADS मिसाइल सिस्टम के लगातार 3 फ्लाइट ट्रायल सफलतापूर्वक किए। अलग-अलग ऊंचाई पर हाई-स्पीड हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया यह मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के लिए गेम-चेंजर है।
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चांदीपुर स्थित ITR द्वारा तैनात टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और रडार जैसे विभिन्न रेंज उपकरणों द्वारा कैप्चर किए गए डेटा ने हवाई खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ VSHORADS की प्रभावशीलता की पुष्टि की है। ये ‘यूजर वैलिडेशन’ उड़ान परीक्षण संयुक्त बलों (Joint Forces) के प्रतिनिधियों के साथ-साथ डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारियों और विकास व उत्पादन भागीदारों की उपस्थिति में किए गए।
VSHORADS के बारे में: VSHORADS एक ‘मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम’ (MANPADS) है, जिसे रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) द्वारा अन्य डीआरडीओ प्रयोगशालाओं और उत्पादन भागीदारों के सहयोग से स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। यह मिसाइल प्रणाली सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं—भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।
बधाई और संदेश: रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने प्रणाली के सफल उड़ान परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि VSHORADS के लगातार तीन सफल परीक्षण एक बड़ी उपलब्धि है और इस प्रणाली को जल्द ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा सकता है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी प्रणाली के डिजाइन और विकास में शामिल पूरी टीम, सशस्त्र बलों और उद्योग भागीदारों को इस सफलता पर बधाई दी।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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