इंडोनेशिया ने टाटा मोटर्स और महिंद्रा से होने वाले वाहनों के आयात पर लगाई रोक

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प्रकाशित समय : सुबह

जकार्ता/मुंबई: इंडोनेशिया सरकार ने भारत की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को दिए गए 1,05,000 वाहनों के विशाल ऑर्डर पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला इंडोनेशिया के स्थानीय राजनेताओं और घरेलू उद्योग जगत की ओर से आए कड़े विरोध के बाद लिया गया है।

मुख्य बातें:

  • कुल ऑर्डर: 1.05 लाख वाहन (टाटा मोटर्स से 70,000 और महिंद्रा से 35,000)।
  • वजह: घरेलू ऑटोमोबाइल उद्योग को बचाने और स्थानीय विनिर्माण (local manufacturing) को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक दबाव।
  • प्रोजेक्ट: यह ऑर्डर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के ‘मेराह पुतिह विलेज कोऑपरेटिव’ कार्यक्रम का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण लॉजिस्टिक्स और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

विस्तृत जानकारी: इंडोनेशिया के सहकारिता मंत्री (Cooperatives Minister) फेरी जुुलियांतो ने घोषणा की कि 4×4 पिकअप और छह पहिया ट्रकों के इस आयात को सरकार और सांसदों के बीच होने वाली समीक्षा बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विवाद से बचने के लिए यह “सही कदम” है।

Tata Yodha and Mahindra Scorpio pickup trucks parked in Indonesia, which have been hit by the import ban.
🇮🇩 इंडोनेशिया में टाटा और महिंद्रा के 1 लाख से ज्यादा वाहनों की एंट्री पर लगा ब्रेक! 🛑 स्थानीय विरोध और घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए इंडोनेशिया सरकार ने आयात पर फिलहाल रोक लगा दी है। क्या भारतीय दिग्गज कंपनियों का यह बड़ा ऑर्डर रद्द हो जाएगा? विस्तार से पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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इससे पहले फरवरी में, दोनों भारतीय कंपनियों ने शेयर बाजारों को सूचित किया था कि उन्हें अब तक का सबसे बड़ा निर्यात ऑर्डर मिला है। समझौते के तहत:

  1. टाटा मोटर्स: 35,000 ‘योद्धा’ (Yodha) पिकअप और 35,000 ‘अल्ट्रा टी.7’ (Ultra T.7) ट्रक सप्लाई करने वाली थी।
  2. महिंद्रा: 35,000 ‘स्कॉर्पियो’ (Scorpio) पिकअप वाहनों की आपूर्ति करने वाली थी।

स्थानीय विरोध और आर्थिक चिंताएं: इंडोनेशिया के उद्योग मंत्री एगुस गुमिवांग कार्तसास्मिता और संसद के उप-अध्यक्ष सुफमी दास्को अहमद ने इस सौदे पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क है कि इंडोनेशिया का घरेलू ऑटो सेक्टर सालाना लगभग 10 लाख पिकअप ट्रक बनाने की क्षमता रखता है। यदि ये वाहन देश के भीतर बनाए जाते, तो इससे इंडोनेशियाई अर्थव्यवस्था को लगभग 27 ट्रिलियन रुपिया (लगभग 1.5 बिलियन डॉलर) का लाभ होता और हजारों नौकरियां पैदा होतीं।

वर्तमान स्थिति: रिपोर्ट्स के अनुसार, महिंद्रा के 1,000 से अधिक स्कॉर्पियो पिकअप पहले ही जकार्ता पहुंच चुके हैं। हालांकि, सरकार के अगले आदेश तक इन्हें वितरित नहीं किया जाएगा। टाटा मोटर्स और महिंद्रा के प्रवक्ताओं ने कहा है कि उन्हें अभी तक इंडोनेशियाई सरकार से इस संबंध में कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब इंडोनेशिया का ऑटो बाजार सुस्ती से जूझ रहा है। 2025 में वहां वाहनों की बिक्री में 7.2% की गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे स्थानीय निर्माताओं (जैसे टोयोटा, सुजुकी और मित्सुबिशी) पर दबाव बढ़ गया है।

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

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