प्रकाशित समय : सुबह
बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 मार्च 2026 की देर रात एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्ति को मंजूरी दी। इस फेरबदल में सबसे अहम बदलाव दिल्ली में हुआ — पूर्व वरिष्ठ राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (LG) नियुक्त किया गया है। वह मौजूदा एलजी विनय कुमार सक्सेना की जगह लेंगे, जिन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है।
कौन हैं तरनजीत सिंह संधू?
तरनजीत सिंह संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक देश की राजनयिक सेवा में काम किया। वह श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त और अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में कार्य कर चुके हैं।

अमेरिका के साथ संबंधों में अहम भूमिका
संधू की सबसे उल्लेखनीय भूमिका तब रही जब उन्होंने फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक वाशिंगटन डीसी में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया। इस कार्यकाल में उन्होंने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर और अमेरिकी प्रशासन में बदलाव को कुशलतापूर्वक संभाला। साथ ही, 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक वाशिंगटन यात्रा की तैयारी और देखरेख में भी उनकी भूमिका अहम रही।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य मिशनों में सेवा
संधू ने जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक न्यूयॉर्क में भारत के स्थायी मिशन (United Nations) में कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने सोवियत संघ, यूक्रेन और श्रीलंका में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। वे वाशिंगटन में प्रथम सचिव, फ्रैंकफर्ट में महावाणिज्य दूत और विदेश मंत्रालय में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे।
राजनीति में कदम — लेकिन मिली हार
सेवानिवृत्ति के बाद 2024 में संधू ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस नेता गुरजीत सिंह औजला से हार गए और तीसरे स्थान पर रहे।
निजी जीवन: पत्नी भी IFS अधिकारी
23 जनवरी 1963 को जन्मे तरनजीत सिंह संधू एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके दादा तेजा सिंह समुंद्री एक जाने-माने धार्मिक सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।
उनकी पत्नी रीनत संधू स्वयं एक वरिष्ठ IFS अधिकारी हैं और वर्तमान में नीदरलैंड्स में भारत की राजदूत हैं। दंपति के दो बच्चे हैं।
दिल्ली के LG के रूप में जिम्मेदारियां
दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में संधू की जिम्मेदारियों में प्रशासनिक समन्वय, कानून-व्यवस्था की निगरानी और केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार के बीच तालमेल बनाए रखना शामिल है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के ज़रिए भूमि से जुड़े मामले और अधिकारियों की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय एलजी के पास सुरक्षित रहता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संधू का स्वागत करते हुए कहा कि उनके दीर्घकालिक कूटनीतिक अनुभव का लाभ दिल्ली की जनता को मिलेगा।
बड़े फेरबदल की पूरी सूची
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक साथ 9 प्रदेशों में प्रशासनिक बदलाव किए:
- दिल्ली LG → तरनजीत सिंह संधू (नई नियुक्ति)
- लद्दाख LG → विनय कुमार सक्सेना (दिल्ली से स्थानांतरित)
- हिमाचल प्रदेश राज्यपाल → कविंदर गुप्ता
- तेलंगाना राज्यपाल → शिव प्रताप शुक्ला
- महाराष्ट्र राज्यपाल → जिष्णु देव वर्मा
- नागालैंड राज्यपाल → नंदकिशोर यादव
- पश्चिम बंगाल राज्यपाल → आर. एन. रवि
- बिहार राज्यपाल → लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन
- तमिलनाडु → राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (अतिरिक्त प्रभार)
सभी नियुक्तियां संबंधित पदों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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