बूंद-बूंद को तरसती दिल्ली- गर्मी से पहले ही टूटी पानी की उम्मीद

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दिल्ली में इन दिनों पानी की भारी किल्लत है। अप्रैल का महीना शुरू होते ही राजधानी के कई इलाकों में नलों से पानी आना बंद हो गया या बहुत कम हो गया। रोहिणी, सुल्तानपुरी, मंगोलपुरी, अमन विहार जैसे इलाकों में लोग घंटों इंतजार करते हैं कि कब टैंकर आएगा। कई जगहों पर तो लोग सुबह-सुबह बाल्टी और कनस्तर लेकर सड़क पर खड़े हो जाते हैं।

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने 6, 7, 8 और 9 अप्रैल को अपने भूमिगत जलाशयों (UGR) और बूस्टर पंपिंग स्टेशनों की सालाना सफाई की। इस काम की वजह से शहर के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई रोकनी पड़ी। जल बोर्ड ने लोगों से पहले से पानी भरकर रखने की अपील की थी, लेकिन जिनके घरों में बड़े टैंक नहीं हैं. उनके लिए यह बहुत मुश्किल था।

जल बोर्ड का कहना है कि यह सफाई हर साल की जाती है ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। लेकिन आम लोगों की परेशानी यह है कि जब पाइप से पानी नहीं आता, तो टैंकर का इंतजार करना पड़ता है। और कई बार टैंकर देर से आता है, या सभी को पूरा पानी नहीं मिल पाता। सोसाइटियों और मोहल्लों में झगड़े तक हो जाते हैं।

Delhi Thirsting for Every Drop

इस संकट की एक बड़ी वजह हरियाणा से मिलने वाले पानी में कमी भी है। दिल्ली को यमुना नदी का पानी हरियाणा के रास्ते मिलता है। बीते कुछ हफ्तों में हरियाणा से मिलने वाले पानी में करीब 100 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) की कमी बताई गई है। इससे दिल्ली के वजीराबाद और चंद्रावल जैसे बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे। वजीराबाद तालाब का जलस्तर सामान्य 674.50 फुट से गिरकर 668.70 फुट पर आ गया है। नतीजा यह है कि साफ पानी बनाने की रफ्तार धीमी पड़ गई है और लाखों लोग परेशान हैं।

दिल्ली में पानी की समस्या सिर्फ सप्लाई की नहीं है, बल्कि पाइपों से होने वाले रिसाव की भी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में जो पानी आता है उसका आधे से ज्यादा हिस्सा टूटे-फूटे पाइपों से बर्बाद हो जाता है। गरीब मोहल्लों में पाइप से पानी कभी-कभी आता है या बिल्कुल नहीं आता, जबकि अमीर इलाकों में पानी की कोई खास दिक्कत नहीं होती। यह असमानता पानी के संकट को और गहरा कर देती है।

गर्मी बढ़ने के साथ-साथ दिल्ली में पानी की मांग भी बढ़ रही है। गर्मियों में लोग ज्यादा पानी पीते हैं, नहाने में ज्यादा पानी लगता है और कूलर भी चालू हो जाते हैं। ऐसे में जब सप्लाई पहले से कम हो, तो हालत और खराब हो जाती है। कई इलाकों में लोग निजी टैंकर वालों से पानी खरीद रहे हैं, जो बहुत महंगा पड़ता है। गरीब परिवारों के लिए यह एक बड़ी मुसीबत है।

दिल्ली जल बोर्ड ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। टैंकर के लिए 1916 पर फोन किया जा सकता है। इसके अलावा 23527679 नंबर पर भी मदद मिल सकती है। मंगोलपुरी इलाके के लिए 27294132 और 27915531 नंबर दिए गए हैं। अगर किसी के घर का पानी खत्म हो जाए तो इन नंबरों पर फोन करके टैंकर मंगवा सकते हैं।

जानकारों का कहना है कि दिल्ली की पानी की समस्या सिर्फ एक-दो दिन की नहीं है। यह एक बड़ी और पुरानी समस्या है। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है, पर पानी के स्रोत उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहे। भूमिगत पानी भी बहुत गहरा होता जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की 9 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट बताती है कि देश के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से गिर रहा है, जो आने वाले समय के लिए भी चिंता की बात है।

इस समस्या का हल सिर्फ सरकार पर नहीं छोड़ा जा सकता। घर-घर में पानी की बचत भी जरूरी है। बिना जरूरत के नल मत खुला छोड़िए। बर्तन धोते समय, नहाते समय कम पानी इस्तेमाल करने की आदत डालिए। बारिश का पानी इकट्ठा करने की व्यवस्था करना भी एक अच्छा उपाय है। अगर हम सब मिलकर पानी बचाएंगे, तो इस संकट से निपटना थोड़ा आसान हो सकता है।

दिल्ली में पानी का यह दर्द कोई नई बात नहीं है- हर गर्मी में यह कहानी दोहराई जाती है। लेकिन इस बार गर्मी अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई और तकलीफ पहले ही शुरू हो गई। अगर अभी से नहीं चेते तो आने वाले महीने और भी कठिन हो सकते हैं।

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