दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम के चारों ओर विकसित होगा भारत का नया ‘स्पोर्ट्स डिस्ट्रिक्ट’

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प्रकाशित समय : सुबह

आर्किटेक्चर स्टूडियो BDP, Cox Architecture और Collage Design ने अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम के पास बनने वाले तीन प्रमुख खेल स्थलों के डिज़ाइन साझा किए हैं।

‘सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव’ (Sardar Vallabhbhai Patel Sports Enclave) नामक इस महत्वाकांक्षी परिसर में एक टेनिस वेन्यू, एक्वेटिक्स सेंटर और एक इंडोर एरिना शामिल होगा। यह पूरा कॉम्प्लेक्स 1,32,000 सीटों वाले नरेंद्र मोदी स्टेडियम के करीब स्थित होगा, जो वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है।

साबरमती नदी के किनारे स्थित इस मास्टरप्लान को एक ‘सिटी पार्क’ और ‘स्पोर्ट्स डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य अहमदाबाद द्वारा 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और गुजरात राज्य द्वारा 2029 के ‘वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स’ की मेजबानी की तैयारियों को मजबूती देना है।

Architectural rendering of the Sardar Vallabhbhai Patel Sports Enclave in Ahmedabad, featuring the Tennis Centre and Indoor Arena designed by BDP and Cox Architecture.
भारत का खेल भविष्य: अहमदाबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव की पहली झलक, जिसमें भारतीय परंपरा के साथ मॉडर्न आर्किटेक्चर का मेल है।

भारतीय परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम

इन नए खेल स्थलों को पारंपरिक भारतीय वास्तुकला की विशेषताओं से सजाया जाएगा। डिज़ाइन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें इस तरह बनाया गया है कि बड़े टूर्नामेंटों के बाद भी स्थानीय निवासी इनका उपयोग कर सकें।

BDP इंडिया की प्रमुख मनीषा भरतिया ने कहा: “स्पोर्ट्स एन्क्लेव के लिए हमारा दृष्टिकोण विश्व खेल जगत के लिए एक समावेशी, टिकाऊ और स्पष्ट रूप से ‘भारतीय’ गंतव्य बनाना है। अहमदाबाद की स्थापत्य परंपराओं को अत्याधुनिक डिज़ाइन और तकनीक के साथ जोड़कर, हम ऐसे वेन्यू तैयार कर रहे हैं जो समय के साथ फीके नहीं पड़ेंगे, बल्कि दशकों तक शहर के दैनिक जीवन का जीवंत हिस्सा बने रहेंगे।”

प्रमुख खेल स्थलों की विशेषताएं:

  1. टेनिस सेंटर (Tennis Centre): नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पूर्वी हिस्से में बनने वाले इस केंद्र में 10,000 सीटों वाला एक मुख्य कोर्ट, और 5,000 व 3,000 सीटों वाले दो अन्य शो कोर्ट होंगे। मुख्य कोर्ट का आकार गोलाकार होगा और इसके ऊपर एक ऊंचा ‘फैब्रिक रूफ’ (कपड़े की छत) होगा, जिसे प्राकृतिक वेंटिलेशन और छाया के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  2. इंडोर एरिना (Indoor Arena): एन्क्लेव के पूर्वी छोर पर 18,000 सीटों वाला एक विशाल इंडोर एरिना बनेगा। इसकी बाहरी दीवारें ‘कांस्य एनोडाइज्ड एल्यूमीनियम जाली’ (Bronze Anodised Aluminium Jali) से ढकी होंगी। यह जाली पारंपरिक भारतीय वास्तुकला की याद दिलाती है। यहाँ कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान जिम्नास्टिक और बास्केटबॉल जैसे आयोजन होंगे, और बाद में इसका उपयोग संगीत कार्यक्रमों (Concerts) के लिए किया जाएगा।
  3. एक्वेटिक्स सेंटर (Aquatics Centre): मास्टरप्लान के पश्चिमी छोर पर स्थित इस केंद्र की दीवारें रंगीन कांच की होंगी, जो रात में ‘दीवाली के लालटेन’ की तरह चमकती हुई दिखाई देंगी। इसकी लहरदार छत के नीचे बड़े आयोजनों के दौरान 12,000 दर्शक बैठ सकेंगे, जिसे बाद में सामुदायिक उपयोग के लिए घटाकर 4,000 किया जा सकता है।

भविष्य की विरासत

स्टेडियम और टेनिस सेंटर के बीच ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स एक्सीलेंस’ (National Institute of Sports Excellence) बनाया जाएगा, जहाँ उभरते खिलाड़ियों के लिए जिम, रिकवरी उपकरण और बायो-मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साबरमती रिवरफ्रंट के साथ बाहरी क्षेत्रों में पार्क, रेस्तरां और सामुदायिक खेल मैदान भी जोड़े जाएंगे।

कॉक्स आर्किटेक्चर (Cox Architecture) के निदेशक एलिस्टेयर रिचर्डसन ने कहा: “भारतीय आधुनिकता और परंपरा पर आधारित यह समृद्ध वास्तुकला एक अनूठा डिज़ाइन पेश करती है। यह न केवल वैश्विक खेल आयोजनों के लिए एक यादगार अनुभव होगा, बल्कि शहर के लिए एक स्थायी विरासत भी छोड़ेगा।”

यह परियोजना अहमदाबाद को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भविष्य में ओलंपिक खेलों की मेजबानी की भारत की दावेदारी को भी बल देता है।

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

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