प्रकाशित समय : सुबह
शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने ‘अजीनोमोटो’ का नाम न सुना हो। हम इसे नूडल्स और सूप का स्वाद बढ़ाने वाले ‘MSG’ (मोनोसोडियम ग्लूटामेट) के रूप में जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह जापानी खाद्य कंपनी आज की आधुनिक तकनीक और Nvidia जैसे शक्तिशाली AI चिप्स के पीछे की सबसे बड़ी ‘सीक्रेट’ खिलाड़ी है?
हैरान करने वाली बात यह है कि दुनिया के 95% से अधिक उच्च-प्रदर्शन वाले सेमीकंडक्टर्स (Semi-conductors) में एक ऐसा खास मटेरियल इस्तेमाल होता है, जिसके बिना AI क्रांति रुक सकती है—और इस पर जापान की इस कंपनी का लगभग एकाधिकार (Monopoly) है।

क्या है वह जादुई मटेरियल?
इस मटेरियल का नाम है ABF (Ajinomoto Build-up Film)। यह एक बेहद पतली इंसुलेटिंग फिल्म (Insulating film) है। जब चिप्स (जैसे CPU या GPU) बनाए जाते हैं, तो उनके भीतर करोड़ों नैनो-कनेक्शंस होते हैं। ABF इन जटिल कनेक्शंस के बीच इंसुलेशन का काम करता है, ताकि बिजली का प्रवाह सही रहे और शॉर्ट-सर्किट न हो।
खाने के पैकेट से डेटा सेंटर तक का सफर
यह कहानी 1970 के दशक में शुरू हुई थी। उस समय अजीनोमोटो अपने मुख्य व्यवसाय (अमीनो एसिड) के दौरान निकलने वाले रासायनिक कचरे (Chemical by-products) से परेशान थी। कंपनी के वैज्ञानिकों ने इस कचरे को फेंकने के बजाय इस पर शोध किया और एक ऐसी राल (Resin) तैयार की जिसमें बेहतरीन इंसुलेटिंग गुण थे।
1990 के दशक में जब कंप्यूटर चिप्स छोटे और अधिक शक्तिशाली होने लगे, तब Intel जैसी कंपनियों को एक ऐसे मटेरियल की तलाश थी जो गर्मी झेल सके और बेहद पतला हो। अजीनोमोटो की इस ‘कचरे से बनी फिल्म’ ने बाजी मार ली और तब से यह इंडस्ट्री का ग्लोबल स्टैंडर्ड बन गई।
Nvidia और AI चिप्स के लिए क्यों है अनिवार्य?
आज के दौर में AI के लिए इस्तेमाल होने वाले चिप्स (जैसे Nvidia H100) साधारण चिप्स नहीं हैं। ये कई लेयर्स और भारी डेटा प्रोसेसिंग वाले होते हैं। इन चिप्स में गर्मी बहुत ज्यादा पैदा होती है और इनके सर्किट इतने सूक्ष्म होते हैं कि थोड़ी सी भी गड़बड़ी पूरे चिप को बर्बाद कर सकती है।
ABF ही वह चीज है जो:
- चिप के हजारों माइक्रोस्कोपिक चैनलों को आपस में जुड़ने से बचाती है।
- 200°C से अधिक तापमान पर भी खराब नहीं होती।
- तांबे (Copper) की वायरिंग को मजबूती से पकड़ कर रखती है।
जापान का 95% नियंत्रण और दुनिया की चिंता
आज पूरी दुनिया में TSMC, Samsung और Intel जैसी कंपनियां चिप्स तो बनाती हैं, लेकिन वे अजीनोमोटो की इस फिल्म के बिना अपना काम पूरा नहीं कर सकतीं। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, हाई-एंड सर्वर और AI चिप्स में इस्तेमाल होने वाली इस फिल्म की सप्लाई में अजीनोमोटो की हिस्सेदारी 95% से भी ज्यादा है।
यही कारण है कि यह एक ‘सिंगल पॉइंट ऑफ फेल्योर’ (Single point of failure) बन गया है। अगर जापान की इस एक कंपनी की सप्लाई चेन में थोड़ी भी बाधा आती है, तो पूरी दुनिया में स्मार्टफोन, लैपटॉप और AI सर्वर का उत्पादन ठप हो सकता है।
निष्कर्ष
अजीनोमोटो की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि नवाचार (Innovation) कहीं से भी आ सकता है। जो कंपनी कल तक आपकी रसोई का हिस्सा थी, वह आज सिलिकॉन वैली की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। यह वाकई में एक जापानी चमत्कार है कि कैसे “किचन केमिस्ट्री” ने आधुनिक तकनीक की दुनिया को अपने वश में कर रखा है।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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