प्रकाशित समय : सुबह
फरीदाबाद: दिल्ली से सटे औद्योगिक शहर फरीदाबाद के शहरी दायरे को बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़ी योजना तैयार की है। मास्टर प्लान 2031 के तहत जिले में 12 नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए 19 गांवों की लगभग 4500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है और किसानों से उनकी जमीन देने के लिए आवेदन मांगे हैं।
इन 12 नए सेक्टरों का होगा निर्माण
सरकार की योजना के अनुसार, जिन नए सेक्टरों को विकसित किया जाना है उनमें सेक्टर 94ए, 96, 96ए, 97ए, 99, 100, 101, 102, 103, 140, 141 और 142 शामिल हैं।
- व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाएं: सेक्टर-100 को पूर्णतः कमर्शियल सेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, सेक्टर 96ए और 97ए को ‘पब्लिक और सेमी-पब्लिक’ उपयोग के लिए आरक्षित रखा गया है, जहाँ सरकारी दफ्तर, अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएंगे।
- रिहायशी सेक्टर: शेष 9 सेक्टर मुख्य रूप से आवासीय (Residential) होंगे, जिससे शहर में आवास की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा।

इन 19 गांवों की जमीन होगी अधिगृहीत
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में फरीदाबाद के 19 गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें खेड़ी कलां, नचौली, ताजपुर, ढहकोला, शाहबाद, ताजापुर, बदरपुर सैद, साहूपुरा, सोतई, सुनपेड़, मलेरना, जाजरू, भैंसरावली, फत्तुपुरा, भुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सदपुरा और तिगांव शामिल हैं। विशेष रूप से सेक्टर 140, 141 और 142 पृथला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जबकि बाकी सेक्टर तिगांव विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा होंगे।
ई-भूमि पोर्टल पर 30 अप्रैल तक करें आवेदन
सरकार इस बार जमीन का अधिग्रहण किसानों की सहमति से करना चाहती है। जो किसान अपनी जमीन सरकार को बेचना चाहते हैं, वे हरियाणा सरकार के ई-भूमि पोर्टल (ebhoomi.jamabandi.nic.in) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है।
अवैध कॉलोनियों पर लगेगा अंकुश
वर्तमान में इन चिह्नित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, जिससे मास्टर प्लान 2031 के क्रियान्वयन में बाधा आ रही थी। सरकार का मानना है कि सेक्टरों के विस्तार से न केवल सुनियोजित विकास होगा, बल्कि भू-माफियाओं द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनियों पर भी लगाम लगेगी।
HSVP के अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी जमीन खरीदने की कोशिश की गई थी, लेकिन पोर्टल पर पर्याप्त आवेदन नहीं मिले थे। अब प्राधिकरण के अधिकारी गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करेंगे ताकि इस बार योजना को समय पर पूरा किया जा सके।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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