इंडिया चिप ने नोएडा में फैक्ट्री का काम शुरू किया, हर महीने 20,000 वेफर्स प्रोसेस करने का लक्ष्य

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प्रकाशित समय : सुबह

नोएडा: भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, ‘इंडिया चिप’ (India Chip) ने नोएडा में अपनी नई फैक्ट्री का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह इकाई एचसीएल ग्रुप (HCL Group) और फॉक्सकॉन (Foxconn) के बीच एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है। इस प्लांट का लक्ष्य पूरी तरह चालू होने पर हर महीने 20,000 वेफर्स प्रोसेस करना है।

Architectural 3D visualization of the India Chip semiconductor manufacturing plant in Noida, featuring HCL and Foxconn branding, representing India's growing electronics hardware ecosystem.
🇮🇳 ‘मेक इन इंडिया’ के लिए एक बड़ी छलांग! HCL ग्रुप और फॉक्सकॉन के जॉइंट वेंचर, इंडिया चिप ने नोएडा में अपनी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की ऑफिशियली शुरुआत कर दी है। ₹3,700 करोड़ के इन्वेस्टमेंट के साथ, इस फैसिलिटी का मकसद हर महीने 20,000 वेफर्स प्रोसेस करना है, जिससे भारत की चिप इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी। 🚀💻

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परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • साझेदारी और निवेश: यह प्रोजेक्ट एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन के बीच 60:40 के अनुपात वाला जॉइंट वेंचर है। इसमें लगभग 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
  • लोकेशन: यह फैक्ट्री नोएडा के जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के सेक्टर 28 में स्थित है।
  • क्या बनेगा यहाँ?: यह एक उन्नत OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई होगी। यहाँ मुख्य रूप से ‘डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स’ (Display Driver Chips) बनाए जाएंगे, जो स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की स्क्रीन को पावर देते हैं।
  • उत्पादन क्षमता: परिचालन शुरू होने पर यह प्लांट प्रति माह 20,000 वेफर्स प्रोसेस करेगा, जिससे लगभग 3.6 करोड़ चिप्स तैयार होंगे।

आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम वर्तमान में, भारत अपनी डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स की जरूरतों के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। इस प्लांट के शुरू होने से घरेलू मांग का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा यहीं से पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी का लक्ष्य अपने उत्पादन का 20-30 प्रतिशत वैश्विक बाजारों में निर्यात करना भी है।

रोजगार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव इस परियोजना से क्षेत्र में 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इस संयंत्र का वर्चुअली शिलान्यास किया था। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे।

कब शुरू होगा काम? निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि यह फैसिलिटी 2028 तक पूरी तरह से चालू हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट न केवल भारत की सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के एक प्रमुख तकनीकी क्लस्टर के रूप में भी स्थापित करेगा।

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

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