बुलेट ट्रेन की सौगात: यूपी के इन 12 शहरों से होकर गुजरेगी हाई-स्पीड ट्रेन, 350 किमी की रफ्तार से तय होगा सफर

Posted by

प्रकाशित समय : सुबह

अलीगढ़/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने को तैयार है। हालिया जानकारी के अनुसार, यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के 12 प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगा। बजट 2026 में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के बाद रेलवे बोर्ड ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के आधुनिक रेलवे स्टेशन से गुजरती हुई हाई-स्पीड सफेद बुलेट ट्रेन का कलात्मक चित्रण।
यूपी में बुलेट ट्रेन का महा-रूट: 12 शहरों में रुकेंगी रफ्तार, देखें पूरी लिस्ट!

इन 12 शहरों में ठहरेंगी बुलेट ट्रेन

रेलवे बोर्ड के संशोधित डीपीआर (DPR) के अनुसार, बुलेट ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित शहरों/स्टेशनों से गुजरेगी:

  1. नोएडा
  2. जेवर (इंटरनेशनल एयरपोर्ट)
  3. मथुरा
  4. आगरा
  5. फिरोजाबाद
  6. इटावा
  7. कन्नौज
  8. लखनऊ
  9. अयोध्या (कनेक्टिंग लिंक के जरिए)
  10. रायबरेली
  11. प्रयागराज
  12. भदोही (अंतिम पड़ाव: वाराणसी)

रफ्तार और समय की बचत

यह बुलेट ट्रेन 250 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से वाराणसी के बीच की दूरी महज कुछ घंटों में तय की जा सकेगी। उदाहरण के तौर पर, आगरा से काशी (वाराणसी) पहुंचने में केवल 2 घंटे का समय लगेगा।

जल्द शुरू होगा जमीनी काम

रेलवे बोर्ड ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को निर्देश दिए हैं कि 2021 में तैयार की गई पुरानी डीपीआर को तुरंत अपडेट किया जाए। बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रक्रिया इसी गति से चलती रही, तो अगले 2 से 3 महीनों के भीतर प्रोजेक्ट का जमीनी काम शुरू हो सकता है।

हाल ही में NHSRCL की एक टीम ने क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों का दौरा भी किया है, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।

बजट 2026 का बड़ा ऐलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में देश में सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। इनमें दिल्ली-वाराणसी मार्ग को प्राथमिकता दी गई है। यह प्रोजेक्ट न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा बल्कि पर्यटन और व्यापार के लिहाज से भी उत्तर प्रदेश के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

स्वतंत्र समाचार प्रकाशक जो वैश्विक मामलों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और सार्वजनिक नीति पर ध्यान केंद्रित करता है – और सब कुछ सत्यापित रिपोर्टिंग के साथ!

यह भी पढ़ें  

सिंधु जल समझौते पर रोक के बाद भारत का बड़ा कदम: चिनाब नदी पर सलाल बांध की सफाई (Desilting) का काम शुरू

Aerial view of Salal Dam on the Chenab River featuring heavy machinery performing mechanical desilting and dredging operations to remove accumulated sediment.
पांच दशकों में पहली बार, भारत ने चिनाब नदी पर सलाल डैम से बड़े पैमाने पर गाद निकालने का काम शुरू किया है। इंडस वॉटर ट्रीटी पर स्ट्रेटेजिक रोक के बाद, इस कदम का मकसद खोई हुई पावर कैपेसिटी को वापस लाना और J&K के हाइड्रो इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाना है। एनर्जी सिक्योरिटी की तरफ एक बड़ा कदम!
#इंडसवॉटरट्रीटी #सलालडैम #चेनाबरिवर #इंडियान्यूज़ #हाइड्रोपावर #जम्मूकश्मीर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *