अमर उजाला नेटवर्क | नोएडा | 17 मार्च 2026
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 या 29 मार्च 2026 को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) का उद्घाटन कर सकते हैं। इस अवसर पर एक भव्य जनसभा का भी आयोजन किया जाएगा। डीजीसीए से एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने के बाद हवाई अड्डा व्यावसायिक उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार हो गया है।
उद्घाटन की तैयारियाँ जोरों पर
नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तारीख अब लगभग तय हो गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 या 29 मार्च 2026 को इस हवाई अड्डे का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसे स्वयं प्रधानमंत्री संबोधित कर सकते हैं।
उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अपर आयुक्त राजीव मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डा परिसर का गहन निरीक्षण किया। इसके अलावा, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने हवाई अड्डे के संचालन से जुड़े मुद्दों पर पर्यावरण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।

जनसभा स्थल को भव्य रूप देने के लिए जर्मन शैली के हैंगर बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय सांसद धीरेंद्र सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रैली स्थल का दौरा कर पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात प्रवाह और आम जनता की सुविधाओं की समीक्षा की।
डीजीसीए का एयरोड्रोम लाइसेंस मिला
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की राह में सबसे बड़ा नियामक मील का पत्थर पार हो गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हवाई अड्डे को आधिकारिक एयरोड्रोम लाइसेंस प्रदान कर दिया है। यह लाइसेंस यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) को जारी किया गया है, जो हवाई अड्डे के निर्माण और संचालन की जिम्मेदार संस्था है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने राज्यसभा को सूचित किया कि यह लाइसेंस भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) सहित कई विमानन प्राधिकरणों से विचार-विमर्श के बाद जारी किया गया है।
इस लाइसेंस के तहत हवाई अड्डा 24 घंटे, हर मौसम में यात्री और कार्गो उड़ानें संचालित करने में सक्षम है।
पहले चरण में इन शहरों के लिए उड़ानें
पहले चरण में जेवर एयरपोर्ट से निम्नलिखित प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी:
- बेंगलुरू
- मुंबई
- कोलकाता
कुल मिलाकर पहले चरण में लगभग 10 अलग-अलग शहरों के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके लिए इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस कंपनियों से बातचीत हो चुकी है। इंडिगो पहले ही हवाई अड्डे पर एक सफल वैलिडेशन फ्लाइट संचालित कर रनवे और नेविगेशन प्रणाली की जाँच कर चुकी है।
हवाई अड्डे की प्रमुख विशेषताएँ
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| रनवे की लंबाई | 3,900 मीटर (चौड़े विमान संचालन योग्य) |
| पहले चरण में क्षमता | 1.2 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष |
| संचालन समय | 24 घंटे, सभी मौसमों में |
| अग्निशमन श्रेणी | कैटेगरी-9 (बोइंग 777 / एयरबस A350 योग्य) |
| डेवलपर | ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG |
| IATA कोड | DXN |
उत्तर प्रदेश का पाँचवाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश का पाँचवाँ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनेगा। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करेगा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लाखों यात्रियों को एक बेहतर विकल्प प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा था कि हवाई अड्डा पूरी तरह तैयार है और प्रधानमंत्री मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।
परियोजना का इतिहास एक नज़र में
- 2001 — तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने ताज इंटरनेशनल एविएशन हब के रूप में पहली बार प्रस्ताव रखा
- 2015 — केंद्र सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी
- 2018 — नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सैद्धांतिक अनुमति दी
- नवंबर 2021 — प्रधानमंत्री मोदी ने आधारशिला रखी
- अक्टूबर 2025 — AAI द्वारा पहली कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल
- मार्च 2026 — डीजीसीए से एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त
- 28-29 मार्च 2026 — संभावित उद्घाटन तिथि
आर्थिक महत्व
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नागरिक उड्डयन क्षेत्र में ₹2,111 करोड़ का प्रावधान किया है, जिसमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के लिए ₹750 करोड़ अलग से निर्धारित हैं। यह परियोजना जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र को एक वैश्विक आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
भविष्य में इस हवाई अड्डे को 5 रनवे और 70 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष की क्षमता तक विस्तारित करने की योजना है।
स्रोत: अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा | अंतिम अपडेट: 17-18 मार्च 2026
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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