संक्षेप में जानिए: भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का सबसे बड़ा ऑनशोर उत्पादक राज्य राजस्थान है, जो देश के घरेलू उत्पादन में लगभग 23–25% योगदान देता है। ऑफशोर क्षेत्र में मुंबई हाई सबसे प्रमुख स्रोत है। गुजरात और असम भी महत्वपूर्ण तेल उत्पादक राज्य हैं।
🛢️ “ब्लैक गोल्ड” क्या है और भारत में यह कहाँ मिलता है?
पेट्रोलियम यानी कच्चे तेल को दुनिया भर में “ब्लैक गोल्ड” कहा जाता है — क्योंकि यह धरती के नीचे से निकला हुआ काले रंग का तरल पदार्थ सोने जितना कीमती है। यह करोड़ों साल पहले समुद्री जीवों और वनस्पतियों के अवशेषों से बना है।
भारत में कच्चे तेल के प्रमुख भंडार निम्नलिखित क्षेत्रों में पाए जाते हैं:
- ऑनशोर (जमीन पर): राजस्थान, गुजरात, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड
- ऑफशोर (समुद्र में): मुंबई हाई (पश्चिमी अपतटीय), पूर्वी अपतटीय क्षेत्र (KG बेसिन)

📊 भारत का कच्चा तेल उत्पादन — ताज़ा आँकड़े (2025–26)
भारत की घरेलू कच्चे तेल की उत्पादन क्षमता पिछले कुछ वर्षों में दबाव में रही है। ताज़ा उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
| माह | उत्पादन (हज़ार बैरल/दिन) |
|---|---|
| अक्टूबर 2025 | 594 BBL/D/1K |
| नवंबर 2025 | 607 BBL/D/1K |
- भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता FY25 में 258.1 MMTPA तक पहुँच गई है।
- अप्रैल 2025 में 2.3 MMT कच्चे तेल का उत्पादन हुआ, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र (PSUs) का 78% योगदान रहा।
- FY25 में कच्चे तेल का आयात 4.2% बढ़कर 242.4 MT हो गया।
- OPEC के अनुमान के अनुसार भारत की तेल खपत 2026 में 5.99 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुँचने का अनुमान है।
🏆 भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक राज्य: राजस्थान
राजस्थान — नंबर 1 ऑनशोर उत्पादक
राजस्थान आज भारत का सबसे बड़ा ऑनशोर कच्चा तेल उत्पादक राज्य है। यह देश के कुल घरेलू उत्पादन में 23–25% हिस्सेदारी रखता है।
बाड़मेर जिला — राजस्थान की शान:
- बाड़मेर में स्थित मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या (MBA) ऑयल फील्ड्स भारत के सबसे बड़े ऑनशोर तेल क्षेत्र हैं।
- इन तीनों फील्ड्स में कुल लगभग 1 अरब बैरल वसूली योग्य भंडार है।
- मंगला फील्ड की खोज 2002 में Cairn Energy ने की थी, और 2009 में उत्पादन शुरू हुआ।
- ONGC का इस ब्लॉक में 30% हिस्सा है, जबकि Cairn India (अब Vedanta) के पास 70% है।
- अब तक यहाँ से 55 करोड़ से अधिक बैरल तेल निकाला जा चुका है।
- राजस्थान सरकार को इससे अब तक ₹33,000 करोड़ से अधिक रॉयल्टी मिल चुकी है।
राजस्थान से गुजरात तक की ऐतिहासिक पाइपलाइन
राजस्थान के बाड़मेर से निकला तेल सीधे गुजरात तट (सालाया) तक भेजा जाता है। यह पाइपलाइन:
- लंबाई: लगभग 670 किलोमीटर
- इसे 65°C से ऊपर गर्म रखा जाता है ताकि मोमी तेल जम न जाए।
- HPCL ने हाल ही में बाड़मेर में 1,80,000 बैरल/दिन क्षमता की नई रिफाइनरी शुरू की है।
🌊 मुंबई हाई — ऑफशोर का बादशाह
मुंबई हाई भारत का सबसे महत्वपूर्ण ऑफशोर (समुद्री) तेल क्षेत्र है। यह महाराष्ट्र तट से लगभग 160 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित है।
- यहाँ बड़े-बड़े ऑयल प्लेटफॉर्म गहरे समुद्र में तेल निकालते हैं।
- भारत के कुल कच्चे तेल भंडार का 37% पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र (जिसमें मुंबई हाई प्रमुख है) में है।
- ONGC इस क्षेत्र का मुख्य संचालक है।
- हाल ही में ONGC ने मुंबई हाई में Enhanced Oil Recovery (EOR) परियोजना के लिए बड़ा निवेश मंजूर किया है।
🌿 असम — भारत का सबसे पुराना तेल क्षेत्र
असम भारत में तेल की सबसे पुरानी धरती है। यहाँ 1889 में डिगबोई के पास पहली बार तेल खोजा गया था — और तब से यहाँ उत्पादन लगातार जारी है।
- असम भारत के कुल कच्चे तेल भंडार का 27% रखता है।
- Oil India Limited (OIL) असम की प्राथमिक तेल उत्पादक कंपनी है।
- असम प्राकृतिक गैस उत्पादन में भी अग्रणी है।
- डिगबोई, नहरकटिया, मोरान यहाँ के प्रसिद्ध तेल क्षेत्र हैं।
🏭 गुजरात — रिफाइनिंग हब और तेल उत्पादक राज्य
गुजरात न केवल तेल उत्पादन करता है, बल्कि भारत का सबसे बड़ा रिफाइनिंग केंद्र भी है।
- अंकलेश्वर, खंभात बेसिन और मेहसाणा यहाँ के प्रमुख ऑनशोर तेल क्षेत्र हैं।
- ONGC का मेहसाणा एसेट गुजरात में सक्रिय रूप से उत्पादन कर रहा है।
- राजस्थान से आया तेल गुजरात की रिफाइनरियों में प्रोसेस होता है।
- Jamnagar रिफाइनरी (Reliance Industries) दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है।
🗺️ राज्यवार तेल उत्पादन हिस्सेदारी (अनुमानित)
| राज्य / क्षेत्र | उत्पादन हिस्सेदारी (%) | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|---|
| राजस्थान (ऑनशोर) | ~23–25% | बाड़मेर (मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या) |
| पश्चिमी ऑफशोर | ~37% (भंडार) | मुंबई हाई |
| असम | ~15–17% | डिगबोई, नहरकटिया, मोरान |
| गुजरात | ~10–12% | अंकलेश्वर, मेहसाणा, खंभात |
| अन्य (नागालैंड, AP आदि) | शेष | — |
🔮 भविष्य की योजनाएं और नई खोजें
अंडमान बेसिन — अगला बड़ा दाँव?
2025 में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की कि भारत अंडमान बेसिन में विशाल तेल भंडार की खोज के करीब है — जो Guyana जैसी बड़ी खोज हो सकती है। ONGC, BP और Reliance मिलकर सौराष्ट्र बेसिन के अपतटीय ब्लॉक पर भी काम कर रहे हैं।
KG बेसिन — पूर्वी तट की उम्मीद
Reliance Industries और ONGC का KG-D6 ब्लॉक पूर्वी अपतटीय में सक्रिय है और यह 2023–2032 के बीच उत्पादन में बड़ा योगदान दे सकता है।
2035 तक ₹30–35 लाख करोड़ का निवेश
भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए 2035 तक ₹30,00,000–35,00,000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. भारत में कच्चे तेल का सबसे बड़ा ऑनशोर उत्पादक राज्य कौन सा है?
राजस्थान — विशेष रूप से बाड़मेर जिला, जो देश के घरेलू उत्पादन में 23–25% देता है।
Q2. भारत में सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र कौन सा है?
असम का डिगबोई — 1889 से तेल उत्पादन हो रहा है, यह भारत का सबसे पुराना तेल क्षेत्र है।
Q3. मुंबई हाई क्या है?
मुंबई हाई अरब सागर में स्थित भारत का सबसे बड़ा ऑफशोर (समुद्री) तेल क्षेत्र है। यह ONGC द्वारा संचालित है।
Q4. भारत की कुल तेल खपत कितनी है?
OPEC के अनुसार 2026 में भारत की तेल खपत 5.99 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुँचने का अनुमान है।
Q5. ONGC का भारतीय तेल उत्पादन में क्या योगदान है?
ONGC भारत के कुल कच्चे तेल उत्पादन में लगभग 70% और प्राकृतिक गैस उत्पादन में 84% योगदान देती है।
Q6. क्या भारत अपनी जरूरत का सारा तेल खुद उत्पादित करता है?
नहीं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। FY25 में 242.4 MT कच्चे तेल का आयात हुआ।
📌 निष्कर्ष
भारत में राजस्थान ऑनशोर तेल उत्पादन में सबसे आगे है, जबकि मुंबई हाई ऑफशोर उत्पादन का केंद्र है। असम सबसे पुराना और गुजरात सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब है। भारत की घरेलू जरूरतें बढ़ रही हैं और सरकार नई खोजों व निवेश से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही है।
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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