प्रकाशित: 18 मार्च 2026 | स्रोत: आज तक / नवभारत लाइव / एक्शन इंडिया न्यूज़
पृष्ठभूमि: क्यों गहराया संकट?
अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में भारी तनाव व्याप्त है। इस संघर्ष के चलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज — जो खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति का सबसे प्रमुख समुद्री मार्ग है — उसे आंशिक रूप से बाधित कर दिया। इससे भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर आम नागरिकों में घबराहट फैल गई और कई शहरों में गैस सिलेंडर की अग्रिम बुकिंग में अचानक उछाल देखा गया।
सरकार का भरोसा: ‘घबराने की ज़रूरत नहीं’
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को नेशनल मीडिया सेंटर में एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग की। इसमें पेट्रोलियम, विदेश और पत्तन एवं पोत परिवहन मंत्रालय ने मिलकर देश की ऊर्जा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया:

देश में कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी रिफाइनरियाँ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। किसी भी खुदरा दुकान पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर है — इसलिए आयात की कोई आवश्यकता नहीं।
ताज़ा अपडेट: होर्मुज से भारत पहुँचे दो जहाज़
‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ — राहत के दूत
बीते 24 घंटों में भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह रही कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर सुरक्षित निकलकर भारत पहुँच गए:
| जहाज़ का नाम | एलपीजी मात्रा | बंदरगाह | आगमन |
|---|---|---|---|
| शिवालिक | ~45,000 मीट्रिक टन | मुंद्रा (गुजरात) | 16 मार्च 2026 |
| नंदा देवी | ~47,000 मीट्रिक टन | वडीनार (गुजरात) | 17 मार्च 2026 |
दोनों जहाज़ों में मिलाकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी आई है। इससे देश में आपूर्ति स्थिर होने की प्रबल उम्मीद है।
इससे पहले युद्ध के तुरंत बाद होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाला पहला टैंकर लाइबेरिया का ‘शेनलॉन्ग’ था, जो मुंबई बंदरगाह पहुँचा था और जिसने ‘डार्क ट्रांजिट’ का उपयोग किया था।
कांडला बंदरगाह: 72 घंटों में 22 जहाज़ों का प्रबंध
संकट के माहौल में कांडला बंदरगाह पर 72 घंटों के भीतर 22 जहाज़ों को हैंडल करने का विशेष इंतज़ाम किया गया है।
प्रमुख आँकड़े और सरकारी कदम
एलपीजी उत्पादन व आपूर्ति
- घरेलू एलपीजी उत्पादन में 38% की वृद्धि
- एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% हो गई
- डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) कवरेज 76% तक पहुँचा
- भारत अपनी ज़रूरत का 60% एलपीजी आयात करता है — लेकिन आपूर्ति फिलहाल सामान्य
कालाबाज़ारी के खिलाफ कार्रवाई
- देशभर में 12,000 से अधिक छापे मारे गए
- 15,000 से ज़्यादा सिलेंडर ज़ब्त किए गए
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निगरानी कड़ी करने के निर्देश
पेट्रोल-डीजल की स्थिति
- भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर
- प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग
- घरेलू उत्पादन 28% तक बढ़ा
- किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं
प्राकृतिक गैस (PNG/CNG)
- घरेलू PNG और CNG उपभोक्ताओं को 100% गैस आपूर्ति जारी
- औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की आपूर्ति ~80% तक सीमित
- GAIL ने CGD ऑपरेटरों को सभी पात्र वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द PNG कनेक्शन देने के निर्देश दिए
नई बुकिंग नीति (14 मार्च 2026 से लागू)
सरकार ने घबराहट में हो रही अग्रिम बुकिंग पर अंकुश लगाने के लिए नई नीति लागू की है:
- शहरी क्षेत्र: दो बुकिंग के बीच न्यूनतम 25 दिन का अंतराल अनिवार्य
- ग्रामीण क्षेत्र: बुकिंग के लिए 25 से 45 दिन का इंतज़ार
- जिन घरों में PNG कनेक्शन है, उन्हें एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की सलाह
- केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो
भारतीय नौसेना की भूमिका
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि:
- भारतीय नौसेना के युद्धपोत गल्फ ऑफ ओमान में तैनात हैं और मर्चेंट शिप को एस्कॉर्ट कर रहे हैं
- फ़ारस की खाड़ी में अभी भी 24 भारतीय जहाज़ फँसे हुए हैं
- कल 30 मर्चेंट नेवी अधिकारी लाए गए; कुल 3,000 नाविक क्षेत्र में हैं
- एलपीजी वाहक जहाज़ों को प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग के आदेश
अफवाहों पर सरकार की सख्ती
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही फ़र्ज़ी खबरों को लेकर आगाह किया है:
- टीवी चैनलों को निर्देश दिया गया कि पुराने या भ्रामक वीडियो प्रसारित न करें
- हर खबर के साथ समय और तारीख स्पष्ट रूप से दर्शाएं
- जनता से अपील: केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें
नागरिकों से सरकार की अपील
- घबराकर एलपीजी सिलेंडर की अनावश्यक अग्रिम बुकिंग न करें
- जहाँ संभव हो, PNG और इलेक्ट्रिक कुकटॉप (इंडक्शन स्टोव) का उपयोग बढ़ाएँ
- डिजिटल माध्यमों से बुकिंग करें
- अफवाहों पर ध्यान न दें — देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है
निष्कर्ष
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बावजूद भारत सरकार ने कूटनीतिक, नौसैनिक और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाए हैं। ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जहाज़ों का सुरक्षित आगमन, घरेलू उत्पादन में वृद्धि और कालाबाज़ारी पर कड़ी कार्रवाई — ये सब संकेत हैं कि सरकार स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण में है। आम नागरिकों को घबराने की नहीं, बल्कि सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने की ज़रूरत है।
स्रोत: आज तक, नवभारत लाइव, एक्शन इंडिया न्यूज़, लल्लूराम, रिपब्लिक भारत — 17-18 मार्च 2026
खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।
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