यूपी में पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने का तरीका बदल गया है, अब जानिए नई फीस और नए नियम।

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अगर आपके पास उत्तर प्रदेश में कोई गाड़ी है, चाहे वह बाइक हो या कार, आपके लिए ज़रूरी खबर है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) लेने की फीस में बदलाव किया है। यह नई फीस 1 जनवरी, 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगी।

PUC सर्टिफिकेट क्या है?

PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) एक सरकारी डॉक्यूमेंट है जो बताता है कि आपकी गाड़ी का एमिशन सरकार की तय लिमिट के अंदर है। यह सर्टिफिकेट पेट्रोल पंप या किसी ऑथराइज़्ड टेस्टिंग सेंटर से मिलता है। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत, हर ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय यह सर्टिफिकेट अपने साथ रखना ज़रूरी है।

यूपी में पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने का तरीका बदल गया है, अब जानिए नई फीस और नए नियम।

नई फीस क्या है?

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की तरफ से जारी एक ऑर्डर के मुताबिक, पेट्रोल, LPG और CNG से चलने वाले फोर-व्हीलर के लिए PUC टेस्टिंग फीस अब ₹90 तय की गई है। डीज़ल से चलने वाले व्हीकल के लिए यह फीस बढ़ाकर ₹120 कर दी गई है। टू-व्हीलर के लिए कैटेगरी के हिसाब से फीस तय की गई है। यह बदलाव इंस्पेक्शन प्रोसेस को बेहतर बनाने और टेस्टिंग मशीनों का सही मेंटेनेंस पक्का करने के लिए किया गया था।

PUC सर्टिफिकेट कितने समय के लिए वैलिड होता है?

नई गाड़ी खरीदने पर PUC सर्टिफिकेट एक साल के लिए वैलिड होता है। उसके बाद, इसे हर छह महीने में रिन्यू कराना होता है। अगर इंस्पेक्शन के दौरान गाड़ी का एमिशन तय लिमिट से ज़्यादा होता है, तो सर्टिफिकेट तीन महीने के कम समय के लिए जारी किया जा सकता है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को इस नियम से छूट है क्योंकि वे धुआं नहीं छोड़तीं।

अगर आप बिना PUC के पकड़े जाते हैं तो क्या होगा?

अगर इंस्पेक्शन के दौरान आपकी गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलता है या वह पुराना है, तो आप पर ₹10,000 तक का जुर्माना लग सकता है। यह कार्रवाई मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 190 (2) के तहत की जाती है। कुछ मामलों में, पहली बार ₹1,000 और दूसरी बार ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाता है।

फीस क्यों बढ़ाई गई?

उत्तर प्रदेश के एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (रेवेन्यू) आरके विश्वकर्मा ने बताया कि यह फैसला इंस्पेक्शन प्रोसेस की क्वालिटी को बेहतर बनाने, मॉडर्न इक्विपमेंट बनाए रखने और पॉल्यूशन कंट्रोल नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए लिया गया था। इससे यह भी पक्का होगा कि टेस्टिंग सेंटर्स के पास बेहतर मशीनें हों और नकली सर्टिफिकेट जारी होने से रोका जा सके।

PUC कहां से मिलेगा?

PUC सर्टिफिकेट किसी भी ऑथराइज्ड पेट्रोल पंप या सरकार से मान्यता प्राप्त टेस्टिंग सेंटर से लिया जा सकता है। आप परिवहन पोर्टल (puc.parivahan.gov.in) पर जाकर अपनी गाड़ी का PUC स्टेटस ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आखिरी पांच डिजिट डालकर स्टेटस चेक किया जा सकता है।

युवा लोगों के लिए ज़रूरी

अगर आप बाइक चलाते हैं या शहर में नई गाड़ी चलाते हैं, तो यह नियम आपके लिए बहुत ज़रूरी है। ट्रैफिक चेकिंग में अब पहले से ज़्यादा सख़्त PUC वेरिफिकेशन की ज़रूरत होती है। इंश्योरेंस कंपनियों को भी गाड़ी का इंश्योरेंस रिन्यू करते समय वैलिड PUC सर्टिफिकेट चाहिए होता है। इसलिए, अपनी गाड़ी का PUC समय पर बनवाना न भूलें—यह न सिर्फ़ एक कानूनी ज़रूरत है बल्कि पर्यावरण के लिए भी एक ज़िम्मेदारी है।

खुशालाल प्रजापति द्वार लिखा गया।

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